
कोटद्वार(आरएनएस)। न्यायिक मजिस्ट्रेट कोटद्वार प्रज्ञा तिवारी की अदालत ने चेक बाउंस के मामले में एक महिला आरोपी को दोष सिद्ध पाते हुए तीन माह के साधारण कारावास और 1.75 लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अभियुक्ता अर्थदंड की धनराशि से 1.70 लाख रुपये परिवादिनी को प्रतिकर के रूप में अदा करेगी। शेष 5,000 रुपये राज्य सरकार के खाते में जमा होगी। अर्थदंड अदा न करने पर अभियुक्ता को एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।ध्रुवपुर निवासी रितु नेगी ने 1 सितंबर, 2023 को पदमपुर सुखरो निवासी गंगोत्री देवी के खिलाफ धारा 138 परक्राम्य लिखत अधिनियम के तहत एक परिवाद पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया जिसमें उन्होंने कहा कि उसकी आरोपी महिला से अच्छी जान पहचान थी। आरोपी महिला ने अपनी आवश्यकता बताते हुए उनसे 1.70 लाख रुपये उधार लिए।
काफी समय तक जब महिला ने उससे उधार ली गई धनराशि वापस नहीं लौटाई तो उन्होंने इसके लिए तकाजा किया जिस पर आरोपी महिला ने देवी रोड स्थित भारतीय स्टेट बैंक स्थित अपने खाते का एक चेक जारी किया और उन्हें यह विश्वास दिलाया कि बैंक में चेक प्रस्तुत करने पर उन्हें भुगतान प्राप्त हो जाएगा। उन्होंने उक्त चेक को भारतीय स्टेट बैंक शाखा एडीबी पदमपुर सुखरो में भुगतान के लिए प्रस्तुत किया तो चेक बाउंस हो गया। नोटिस तामील होने के बाद भी आरोपी ने अभी तक उन्हें पैसे का भुगतान नहीं किया है।न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रज्ञा तिवारी ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और समस्त मौखिक व दस्तावेजी साक्ष्यों के परीक्षण के बाद आरोपी महिला को मामले में दोषसिद्ध पाते हुए सजा सुनाई।

