
देहरादून(आरएनएस)। वन एवं पर्यावरण मंत्री सुबोध उनियाल ने गुरुवार को यमुना कालोनी में बीज बम अभियान सप्ताह का शुभारंभ किया। यह अभियान 9 से 15 जुलाई तक प्रदेशभर में मनाया जाएगा। वन मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में मानव-वन्यजीव संघर्ष बढ़ने का एक कारण जंगलों में भोजन श्रृंखला का प्रभावित होना भी है। उन्होंने कहा कि केवल पौधारोपण करना पर्याप्त नहीं, बल्कि पौधों को जीवित रखना सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने वन विभाग को निर्देश दिए कि बीज बम अभियान को वृक्षारोपण और वन संरक्षण गतिविधियों का नियमित हिस्सा बनाया जाए तथा अभियान सप्ताह को गंभीरता से मनाया जाए। प्रमुख वन संरक्षक कपिल लाल ने अभियान को जन-जन का आंदोलन बनाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए सभी डीएफओ और वन अधिकारियों से इसे अपने कार्यक्रमों में शामिल करने की अपील की। पद्मश्री प्रेम चंद्र शर्मा ने कहा कि बीज बम अभियान उसी उत्तराखंड की धरती से शुरू हुआ है, जहां से विश्व को चिपको आंदोलन का संदेश मिला था। हिमालयन पर्यावरण जड़ी-बूटी एग्रो संस्थान, जाड़ी (उत्तरकाशी) के संस्थापक एवं अभियान के प्रणेता द्वारिका प्रसाद सेमवाल ने बताया कि वर्ष 2017 में उत्तरकाशी के बागी गांव से शुरू हुआ यह अभियान आज देश के 18 से अधिक राज्यों तक पहुंच चुका है। उन्होंने वन मंत्री से बीज बम अभियान सप्ताह को सरकारी कैलेंडर में स्थायी कार्यक्रम के रूप में शामिल करने के लिए कैबिनेट में प्रस्ताव लाने की मांग भी की।
इस अवसर पर डॉ. हितेश नौटियाल, डॉ. चेतन आहूजा, जे.पी. मैठाणी, कैलाश चंद्र भट्ट, माधवेन्द्र रावत, डॉ. उदय गौड़, गोपाल प्रकाश मिश्रा, भारती आनंद अनंता और रचित शर्मा को सम्मालित किया गया।
