
देहरादून। बॉलीवुड फिल्म स्पेशल-26 की तर्ज पर फर्जी क्राइम ब्रांच अधिकारी बनकर एक कारोबारी से 25 लाख रुपये की रंगदारी वसूलने का प्रयास किया गया। हालांकि कारोबारी के पिता ने आरोपियों से पहचान पत्र और स्थानीय पुलिस की मौजूदगी पर सवाल पूछे तो पूरा गिरोह मौके से फरार हो गया। पटेलनगर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार मोहित विहार, जीएमएस रोड निवासी सिद्धार्थ अग्रवाल की पटेलनगर औद्योगिक क्षेत्र में फोटोकॉपी पेपर शीट की फैक्ट्री है। बुधवार दोपहर एक इनोवा कार से महिला समेत चार लोग फैक्ट्री पहुंचे। इनमें से एक ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का इंस्पेक्टर रंजीत कांसले बताया और सिद्धार्थ का मोबाइल छीनकर उन्हें जबरन कार में बैठा लिया। आरोपियों ने पिस्तौल दिखाकर मकोका और एनडीपीएस जैसे मामलों में फंसाने की धमकी दी और 25 लाख रुपये की मांग की।
बाद में कारोबारी के कहने पर आरोपी उसे लेकर फैक्ट्री पहुंचे, जहां उसके पिता प्रदीप अग्रवाल और एक अन्य कारोबारी मौजूद थे। प्रदीप अग्रवाल ने कथित पुलिसकर्मियों से आईकार्ड दिखाने और स्थानीय पुलिस को साथ न लाने का कारण पूछा। सवालों से घबराए आरोपी यह कहकर वहां से भाग निकले कि वे स्थानीय पुलिस को लेकर लौट रहे हैं।
जांच में सामने आया कि खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताने वाला मुख्य आरोपी रंजीत कांसले महाराष्ट्र पुलिस का बर्खास्त कर्मी है। पटेलनगर थाना प्रभारी विनोद गुसाईं ने बताया कि घटना की सूचना दो दिन बाद मिली। आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वारदात में प्रयुक्त गौतमबुद्ध नगर नंबर की इनोवा कार का सत्यापन कराया जा रहा है। साथ ही सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है।
