
विकासनगर(आरएनएस)। नाबालिगों के वाहन चलाने के खिलाफ परिवहन विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। शुक्रवार को सेलाकुई क्षेत्र में एक नाबालिग ई-ऑटो चलाते हुए पकड़ा गया। एआरटीओ विकासनगर अनिल सिंह नेगी के निर्देश पर वाहन को सीज कर दिया गया। मामले में चालान की कार्रवाई की गई है और इसका भुगतान न्यायालय के माध्यम से होगा।
एआरटीओ अनिल सिंह नेगी ने बताया कि मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों के तहत सामान्यत: 18 वर्ष से कम आयु का व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर मोटर वाहन नहीं चला सकता। नाबालिग के वाहन चलाने पर केवल नाबालिग ही नहीं, बल्कि अभिभावक अथवा वाहन स्वामी की जिम्मेदारी भी तय हो सकती है। मोटर वाहन अधिनियम की धारा 199ए के तहत अभिभावक या वाहन स्वामी को अधिकतम तीन वर्ष तक के कारावास और 25 हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। हालांकि, कानून के अनुसार यदि अभिभावक या स्वामी यह साबित कर देता है कि उसे इसकी जानकारी नहीं थी अथवा उसने अपराध रोकने के लिए उचित सावधानी बरती थी, तो उसे बचाव मिल सकता है। इसके अलावा नाबालिग द्वारा अपराध में इस्तेमाल किए गए वाहन का पंजीकरण 12 महीने तक रद्द किए जाने का भी प्रावधान है। परिवहन विभाग ने अभिभावकों और वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे नाबालिगों को वाहन चलाने की अनुमति न दें, अन्यथा कानूनी कार्रवाई के साथ वाहन स्वामी भी कार्रवाई की जद में आ सकता है।

