
देहरादून। राज्य आंदोलनकारियों ने 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण के बावजूद लंबित नियुक्तियों समेत विभिन्न मांगों को लेकर शुक्रवार को अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। आंदोलनकारियों ने हाथ में कटोरा लेकर भीख मांगी और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों के शीघ्र समाधान की मांग उठाई।
राज्य आंदोलनकारी शहीद स्मारक से उत्तरांचल प्रेस क्लब तक प्रदर्शन करते हुए पहुंचे। इस दौरान उन्होंने रास्ते में लोगों से प्रतीकात्मक रूप से भीख मांगकर सरकार के प्रति अपना विरोध जताया। प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में आंदोलन के संयोजक अंबुज शर्मा ने कहा कि जिस राज्य के लिए लोगों ने संघर्ष और बलिदान दिया, उसी राज्य में आज उन्हें अपने अधिकारों के लिए हाथ फैलाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का कानून बने दो वर्ष हो चुके हैं, लेकिन कई नियुक्ति और चिह्नीकरण के मामले अब भी लंबित हैं। उनका आरोप था कि नौकरशाही की उदासीनता के कारण सरकार की मंशा भी पूरी नहीं हो पा रही है। उन्होंने बताया कि आंदोलनकारी पिछले 60 दिनों से शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं।
आंदोलनकारियों ने लंबित नियुक्तियों और चिह्नीकरण के मामलों का शीघ्र निस्तारण, आरक्षण संबंधी शासनादेशों का प्रभावी पालन, विभागवार समीक्षा तथा समाधान के लिए प्रतिनिधियों को शामिल कर समिति गठित करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।

