

उत्तरकाशी(आरएनएस)। जनपद के जिला पंचायत सदस्यों ने मुख्यमंत्री से प्रदेश में जल्द ही जिला योजना समिति के चुनाव करवाने की मांग की है। साथ ही पंचायत आरक्षण में परिवर्तन की समयावधि को पांच के स्थान पर दस वर्ष सहित आठ सूत्री मांगों पर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि अगर जल्द ही इन पर अमल नहीं किया जाता है तो उन्हें न्यायालय की शरण और आंदोलन के लिए बाध्य होना होगा। सोमवार को जनपद के जिला पंचायत सदस्यों ने जिलाधिकारी के माध्यम से सीएम को ज्ञापन प्रेषित किया। उसमें उन्होंने कहा कि जिला योजना समिति के चुनाव न होने के कारण क्षेत्र के विकास कार्यों पर बुरा असर पड़ रहा है। एक वर्ष बाद भी स्थानीय लोगों की भावनाओं के अनुरूप कार्य नहीं हो पा रहा है। इसलिए जल्द ही समिति के चुनाव करने की मांग की। साथ ही वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिला योजना समिति में पास हुए प्रस्ताव को समिति के गठन के बाद ही पुनरीक्षित की मांग की है। कहा कि जिला पंचायतों को अभी भी 73वें संविधान संसोधन के 29 विषयों को भी हस्तांतरित नहीं किया गया है। इससे उनके अधिकारों का हनन हो रहा है। इसके साथ सदस्यों ने प्रदेश में पंचायत कल्याण कोष बनाकर कोई अनहोनी या घटना होने पर जिला पंचायत सदस्यों के परिवार वालों को दस लाख की धनराशि देने की मांग की।
जिला योजना में कोटेशन के माध्यम से होने वाले ढाई लाख तक के कार्यों को पांच लाख किया जाए। उन्होंने सदस्यों का मानदेय तीस हजार और विधायक निधि की तर्ज पर जिला पंचायत निधि का प्रावधान करने की मांग उठाई। कहा कि अगर सरकार इस पर एक माह के भीतर अमल नहीं किया जाता है। तो न्यायालय जाने सहित आंदोलन किए जाएंगे। इस मौके पर दीपेंद्र कोहली, बबीता रावत, सरिता देवी, सरस्वती नाथ, प्रियंका, बुद्धि सिंह राणा, भरत सिंह बिष्ट आदि मौजूद रहे।

