Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राज्य
  • उत्तराखंड
  • बागेश्वर
  • द्यौनाई घाटी की संचार व्यवस्था लडख़ड़ायी
  • बागेश्वर

द्यौनाई घाटी की संचार व्यवस्था लडख़ड़ायी

RNS INDIA NEWS 22/01/2021
rns featured image new

बागेश्वर। तहसील के द्यौनाई घाटी की संचार व्यवस्था लडख़ड़ा गई है। इससे ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दो माह से द्यौनाई व बंतोली पोस्ट ऑफिस में नेट कनेक्टिविटी न होने से कामकाज ठप है। ग्रामीणों ने शीघ्र संचार व्यवस्था दुरुस्त नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
द्यौनाई घाटी में दो माह से बीएसएनएल की संचार व्यवस्था चरमरा गई है। द्यौनाई व बंतोली पोस्ट ऑफिस में नेट कनेक्टिविटी न होने से लोगों के काम नहीं हो रहे हैं। वृद्धजनों को पेंशन नहीं मिल रही है। लोगों को स्पीड पोस्ट व रजिस्ट्री करने में खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण अपने परिजनों से बातें नहीं हो रही हैं। मोबाइल खिलौना बनकर रह गए हैं। लोग बारह किमी दूर गरुड़ बाजार आने को मजबूर हैं। इससे उनके धन व समय की काफी बर्बादी हो रही है, जिससे लोगों में बीएसएनएल के खिलाफ तीव्र रोष है।
घाटी के राजेंद्र सिंह बोरा, लक्ष्मी दत्त पांडे, कै. बचे सिंह बोरा आदि ने कहा कि कई बार समस्या के समाधान के लिए उच्चाधिकारी को गुहार लगाई, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि सरकार के ग्रामीण क्षेत्र के विकास के दावे हवा-हवाई ही हैं। जमीनी हकीकत इसके बेहद उलट बनी हुई है। ग्रामीण आज भी आदम जिदगी जीने को मजबूर हैं। इसीलिए इससे परेशान होकर समर्थ लोग क्षेत्रों से पलायन कर रहे हैं। सरकार एक तरफ पलायन पर अंकुश लगाने की बात कहती है, वहीं दूसरी ओर विकास की कागजी घोषणाएं की जा रही हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि व्यवस्था दुरुस्त नहीं होती तो आंदोलन को बाध्य होना पड़ेगा।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: नगर पंचायत में शामिल किए गए गांवों के ग्रामीणों ने किया धरना-प्रदर्शन
Next: पेंशनर्स संगठन ने खोला मांगों को लेकर मोर्चा

Related Post

rns featured image new
  • बागेश्वर

हरियाली महोत्सव में चंदन-रुद्राक्ष समेत सैकड़ों पौधे रोपे, पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प

RNS INDIA NEWS 12/07/2026 0
rns featured image new
  • बागेश्वर

औद्योगिक हैंप की लाइसेंस व्यवस्था फिर लागू करने की मांग

RNS INDIA NEWS 10/07/2026 0
rns featured image new
  • बागेश्वर

आशाओं ने 18 हजार वेतन और राज्य कर्मचारी का दर्जा मांगा

RNS INDIA NEWS 09/07/2026 0

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • राशिफल 14 जुलाई
  • होटल रिव्यू और क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर 18.50 लाख की साइबर ठगी
  • अंकित शर्मा हत्याकांड: आप के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत 5 आरोपी दोषी करार, 6 आरोपी बरी
  • आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर उप स्टेशन अधीक्षक को पीटा और घसीटा, 6 आरपीएफ कर्मी निलंबित
  • गदरपुर के ग्राम मजराशीला में घर के बाहर बैठे युवक पर फायरिंग
  • ईओ के स्थानान्तरण को लेकर सभासदों, पर्यावरण मित्रों का धरना जारी
Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.