
आगरा (आरएनएस)। उत्तर प्रदेश के आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर एक उप स्टेशन अधीक्षक को बुरी तरह पीटने और जमीन पर घसीटने का वीडियो वायरल होने के बाद रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के 6 कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। घटना रविवार दोपहर 12 बजे तब घटी थी, जब यहां चेन खींचने के आरोप में आरपीएफ कर्मियों ने एक महिला यात्री को पकड़ा था। स्टेशन अधीक्षक नरेंद्र सिंह चाहर ने इसका विरोध किया, तो जवानों उनको पीटना शुरू कर दिया था।
अमृतसर से विशाखापट्टनम जा रही हीराकुंड एक्सप्रेस दोपहर 12 बजे कैंट स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर पहुंची थी। ट्रेन में सवार लुधियाना की रंजीता राव पेठा खरीदने प्लेटफॉर्म पर उतरीं, तभी ट्रेन चलने लगी। सुरक्षा की दृष्टि से अधीक्षक चाहर ने वॉकी-टॉकी के जरिए ट्रेन रुकवा दी और रंजीता को बैठा दिया। इसके बाद आरपीएफ कर्मी मौके पर पहुंच गए और चेन खींचने का मामला बताकर यात्री रंजीता राव और उनके पति आशीष कुमार को ट्रेन से उतार दिया।
आरोप है कि आरपीएफ कर्मियों ने महिला यात्री और उनके पति पर 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया, लेकिन रसीद नहीं दी। स्टेशन अधीक्षक चाहर ने पुलिसकर्मियों को बताया कि चेन नहीं खींची गई है, बल्कि उनकी सूचना पर ट्रेन को रोका गया था। इसी बात को लेकर क्रक्कस्न कर्मियों और चाहर में बहस हुई और मारपीट की नौबत आ गई। घटना का वीडियो वायरल है, जिसमें आरपीएफ जवान चाहर को जमीन पर घसीटते हुए और पीटते देखे गए हैं।
घटना को काफी विवाद हुआ। रेलवे कर्मचारी यूनियन ने विरोध-प्रदर्शन किया, जिसके बाद रेलवे प्रशासन ने 2 सहायक उप-निरीक्षक (एएसआई) मेघराज मीणा, बालकिशन और 4 जवानों को निलंबित कर दिया है। उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ शिवम शर्मा ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच हेतु 3 सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत रेलवे नियमों के अनुसार आवश्यक विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
