
बागेश्वर(आरएनएस)। वरिष्ठ नागरिक जन कल्याण न्यास ने गुरुवार को जिलाधिकारी कार्यालय में प्रदर्शन कर उत्तराखंड में औद्योगिक हैंप (भांग) की लाइसेंस व्यवस्था को दोबारा प्रभावी बनाने की मांग उठाई। इस संबंध में राज्य सरकार को ज्ञापन भी भेजा गया। न्यास के अध्यक्ष दलीप सिंह खेतवाल के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वर्ष 2018 में राज्य सरकार ने 0.3 प्रतिशत टीएचसी (टेट्राहाइड्रोकैनाबिनोल) तक वाले औद्योगिक हैंप की लाइसेंस आधारित खेती की अनुमति दी थी, लेकिन जागरूकता के अभाव में योजना सफल नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि कम टीएचसी वाले हैंप का उपयोग कपड़ा, कागज, बायोप्लास्टिक, जूट उत्पाद, औषधि और अन्य औद्योगिक वस्तुओं के निर्माण में किया जा सकता है, जिससे पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार और कुटीर उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।उन्होंने मांग की कि लाइसेंस व्यवस्था को पुनः लागू करते समय खेती वाले क्षेत्रों की जीपीएस आधारित निगरानी की जाए, ताकि दुरुपयोग रोका जा सके। साथ ही युवाओं के चरस तस्करी की ओर बढ़ते रुझान पर चिंता जताते हुए इसे रोकने के लिए वैकल्पिक रोजगार उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई। इस दौरान महामंत्री बाला दत्त तिवारी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष इंद्र सिंह परिहार, सह सचिव चरण सिंह बघरी और मीडिया सलाहकार हरीश सोनी सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
