
हरिद्वार(आरएनएस)। ज्वालापुर की एक विवाहिता ने ससुराल पक्ष पर दहेज में कार या प्लॉट खरीदने के लिए 10 लाख रुपये मांगने, मारपीट और प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। महिला का आरोप है कि मांग पूरी न होने पर उसे गर्भावस्था में बच्चे समेत घर से निकाल दिया गया। आरोप लगाया कि पति ने पुलिसकर्मियों के सामने तीन तलाक बोला। इधर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। ग्राम सराय निवासी 30 वर्षीय समरीन ने शिकायत कर बताया कि उसका निकाह 26 फरवरी 2020 को दिलनवाज उर्फ सोनी पुत्र सहीद, निवासी मोहल्ला चौहानान, ज्वालापुर, हाल निवासी गायत्री विहार, ग्राम सराय से हुआ था।
विवाह में मायके वालों ने घरेलू सामान, फर्नीचर, फ्रिज, कूलर, वाशिंग मशीन, मोटरसाइकिल और सोने-चांदी के जेवरात दिए थे। आरोप है कि इसके बावजूद पति दिलनवाज उर्फ सोनी, ससुर सहीद, सास रिजवाना, ननद समा, ननदोई सन्नवर, मामा फुरकान और जेठ इल्ताफ व नसीर दहेज के लिए उसे प्रताड़ित करने लगे। महिला के मुताबिक, कई बार पंचायत के बाद उसे ससुराल ले जाया गया, लेकिन कुछ दिन बाद फिर मारपीट शुरू हो जाती। अक्टूबर 2021 में गर्भावस्था के दौरान उसे बेटे मोहम्मद जुनेद समेत घर से निकाल दिया गया। दूसरी संतान मोहम्मद अबुजर का जन्म मायके में हुआ। दोनों बच्चों के बीमार पड़ने पर जौलीग्रांट अस्पताल में करीब 20 दिन उपचार कराया गया, जिसका खर्च मायके वालों ने उठाया। लगभग दो साल आठ महीने बाद 12 जून 2024 को समझौते के बाद वह ससुराल लौटी, लेकिन कथित उत्पीड़न फिर शुरू हो गया। 15 जुलाई 2025 को सास ने दहेज को लेकर विवाद किया और ससुर व ननदोई को बुलाकर मारपीट कराई। आरोप है कि उसे कार लेकर आने की धमकी देकर बच्चों समेत निकाल दिया गया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। इसकी पुष्टि कोतवाली प्रभारी चंद्रभान सिंह अधिकारी ने की है।
