
अल्मोड़ा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर घोडके के निर्देश पर लमगड़ा पुलिस ने थाना क्षेत्र के दूरस्थ गांव मेरगांव और भांगादेवली में जनजागरूकता चौपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। थानाध्यक्ष लमगड़ा प्रमोद पाठक ने ग्रामीणों की पुलिस संबंधी समस्याएं, शिकायतें और सुझाव सुने तथा कई समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया। ग्रामीणों को पुलिस के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना देने के लिए प्रेरित किया गया। साइबर फ्रॉड, सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल और डिजिटल अरेस्टिंग जैसे नए साइबर अपराधों के संबंध में जानकारी देते हुए किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई। ग्रामीणों को एमआरएम/जीआरएम पोर्टल के बारे में भी जानकारी दी गई और ठगी गई धनराशि को होल्ड या वापस प्राप्त करने के लिए त्वरित शिकायत दर्ज कराने तथा आवश्यक सावधानियों के बारे में बताया गया। चौपाल में भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी गई। थानाध्यक्ष ने पहाड़ी क्षेत्रों में नशे के बढ़ते दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए ग्रामीणों से नशे से दूर रहने और नशामुक्त समाज के निर्माण में सहयोग करने की अपील की। नशे से संबंधित गोपनीय सूचना के लिए मानस हेल्पलाइन 1933 की जानकारी भी दी गई। ग्रामीणों से क्षेत्र में रहने या आने वाले बाहरी व्यक्तियों का सत्यापन कराने की अपील की गई। रात के समय जंगली जानवरों की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने और सावधानी बरतने को कहा गया। किसी भी आपात स्थिति में डायल 112, थाना लमगड़ा अथवा संबंधित पुलिस अधिकारियों को सूचना देने तथा आपदा सहायता के लिए 1070 हेल्पलाइन की जानकारी भी दी गई।


