
नई टिहरी(आरएनएस)। टीएचडीसी ने पडागली के बांध प्रभावितों की जमीन ताे अपने नाम कर दी लेकिन अभी तक उन्हें पुनर्वास सुविधा का लाभ नहीं दिया है। इससे बांध प्रभावित पुनर्वास निदेशालय के चक्कर काटने को मजबूर हैं। 21 साल पुराने प्रकरण का निस्तारण नहीं होने पर डीएम व पुनर्वास निदेशक नितिका खंडेलवाल ने प्रभारी अधिकारी पुनर्वास को पत्रावली प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।भिलंगना ब्लॉक में ग्राम पडागली के पांडुनामे तोक निवासी बांध प्रभावित सुरजा देवी ने डीएम को दिए ज्ञापन में बताया कि उनके पांच परिवारों की संपूर्ण जमीन अक्तूबर 2005 में टिहरी बांध की झील में डूब गई थी। उनकी वह जमीन अब राजस्व रिकॉर्ड में टीएचडीसी इंडिया लि. के नाम भी दर्ज हो गई है लेकिन अभी तक प्रभावितों की पात्रता का निर्धारण नहीं हो पाया है।उन्होंने बताया कि पांडुनामे तोक में उनके अन्य पांच परिवारों की जमीन भी बांध की झील में डूबी गई थी, उन्हें कृषि और आवासीय भूखंड सहित प्रतिकर भुगतान भी दे दिया गया है लेकिन बांध प्रभावित बालम सिंह, रणवीर सिंह, गुमान सिंह, शरण सिंह और पूनम देवी व राहुल आदि परिवार आज तक अपने हक के लिए चक्कर काट रहे हैं।उन्होंने बताया कि बांध की झील का जलस्तर बढ़ने पर उस समय 10 परिवारों को गांव में बनाए गए अस्थायी टिनशेड में शिफ्ट किया गया था। उन्हें पुनर्वास का लाभ नहीं मिलने से वह टिनशेड में रहने को मजबूर हैं। उन्होंने डीएम से शीघ्र ही पुनर्वास सुविधा का लाभ देने की मांग की है। इस मामले में डीएम ने संबंधित अधिकारियों से पत्रावली तलब की है।
