
अल्मोड़ा निवासी कोली का चाय की दुकान में मिला शव, 2025 में सुप्रीम कोर्ट से सभी मामलों में हुआ था बरी
हरिद्वार। बहुचर्चित निठारी कांड के आरोपी रहे अल्मोड़ा निवासी सुरेंद्र कोली ने शुक्रवार को हरिद्वार में खुदकुशी कर ली। पुलिस के अनुसार उसका शव भूपतवाला क्षेत्र में सप्त सरोवर रोड स्थित चाय की दुकान में फंदे से लटका मिला। कोली पिछले कुछ समय से हरिद्वार में रहकर चाय की दुकान चला रहा था। मौके से कोई आत्महत्या पत्र नहीं मिला है और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
गुमशुदगी की शिकायतों से सामने आया था निठारी कांड
निठारी कांड वर्ष 2005-06 में नोएडा के निठारी क्षेत्र में महिलाओं और बच्चों के लापता होने की शिकायतों के बाद सामने आया था। नोएडा के सेक्टर-31 के पास स्थित निठारी में कारोबारी मोनिंदर सिंह पंढेर के डी-5 बंगले में सुरेंद्र कोली घरेलू सहायक के रूप में काम करता था। दिसंबर 2006 में बंगले के आसपास और नाले से मानव अवशेष, हड्डियां, खोपड़ियां, कपड़े और जूते मिलने के बाद मामला देशभर में चर्चा का विषय बन गया।
कोली पर लगे थे गंभीर आरोप
पुलिस और बाद में सीबीआई की जांच में कोली पर कई लोगों की हत्या, बलात्कार, अपहरण और शवों को ठिकाने लगाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे। विभिन्न मामलों में उसे दोषी ठहराया गया और कई मामलों में मौत की सजा सुनाई गई। हालांकि, बाद की न्यायिक प्रक्रिया में अभियोजन के साक्ष्यों, कथित कबूलनामे, बरामदगी और जांच के तरीके को लेकर गंभीर सवाल उठे।
2023 में 12 मामलों में मिली थी राहत
16 अक्टूबर 2023 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निठारी से जुड़े 12 मामलों में सुरेंद्र कोली को बरी कर दिया था। अदालत ने अभियोजन के साक्ष्यों और जांच की विश्वसनीयता पर कई सवाल उठाए। इन मामलों में मोनिंदर सिंह पंढेर को भी बरी किया गया था। इसके बाद मामले की कानूनी प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट तक पहुंची।
2025 में अंतिम मामले में भी हुआ बरी
30 जुलाई 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने निठारी से जुड़े 12 मामलों में कोली के बरी होने के फैसले को बरकरार रखा। हालांकि, रिम्पा हलदर हत्याकांड से जुड़े एक मामले में उसकी उम्रकैद की सजा तब भी कायम थी। 11 नवंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने उसकी उपचारात्मक याचिका स्वीकार करते हुए इस मामले में भी उसकी दोषसिद्धि और सजा समाप्त कर दी। इसके बाद किसी अन्य मामले में आवश्यकता न होने पर उसकी तत्काल रिहाई का आदेश दिया गया।
12 नवंबर 2025 को जेल से बाहर आया था कोली
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 12 नवंबर 2025 को सुरेंद्र कोली जेल से बाहर आया था। इसके बाद वह हरिद्वार में रहने लगा और चाय की दुकान चलाने लगा। करीब दो दशक तक देश के सबसे चर्चित आपराधिक मामलों में शामिल रहे निठारी कांड में उसकी सभी दोषसिद्धियां समाप्त हो चुकी थीं।
कोली की मौत के साथ फिर चर्चा में आया निठारी कांड
सुरेंद्र कोली की मौत के बाद करीब दो दशक पुराने निठारी कांड की जांच और न्यायिक प्रक्रिया एक बार फिर चर्चा में आ गई है। विभिन्न अदालतों में चले लंबे मुकदमों के दौरान अभियोजन के साक्ष्यों पर सवाल उठे और अंततः कोली सभी मामलों में कानूनी रूप से बरी हो गया। अब हरिद्वार में उसकी मौत ने इस मामले से जुड़े पुराने सवालों को फिर सामने ला दिया है।


