
अल्मोड़ा। उत्तराखंड में महिलाओं और बेटियों के साथ सामने आ रही आपराधिक घटनाओं को लेकर कांग्रेस जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भोज ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा के मामले में सरकार को दावों के बजाय जमीनी स्तर पर जवाबदेही और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सामने आ रहे मामले कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
भोज ने कहा कि उपलब्ध सरकारी और पुलिस आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2021 में उत्तराखंड में महिलाओं से दुष्कर्म के 741 मामले दर्ज हुए थे, जबकि वर्ष 2022 में यह संख्या बढ़कर 872 हो गई। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में प्रदेश के सभी 13 जिलों में दुष्कर्म के मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई थी। उन्होंने कहा कि महिला अपराधों को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय कानून-व्यवस्था और संवेदनशील प्रशासन के विषय के रूप में देखा जाना चाहिए।
अंकिता भंडारी मामले का उल्लेख करते हुए भोज ने कहा कि इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था। उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय मिलना उत्तराखंड की हर बेटी के सम्मान और सुरक्षा से जुड़ा प्रश्न है। उन्होंने दावा किया कि मामले में सीबीआई जांच को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है और कथित वीआईपी का नाम भी अब तक सामने नहीं आया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि पार्टी न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करते हुए पीड़ित परिवार की न्याय की लड़ाई के साथ खड़ी रहेगी।
उन्होंने कहा कि किसी राजनीतिक दल से जुड़े व्यक्ति, पदाधिकारी या प्रभावशाली व्यक्ति पर महिला उत्पीड़न अथवा गंभीर अपराध का आरोप लगे तो जांच एजेंसियों को बिना राजनीतिक दबाव के निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। दोषी चाहे किसी भी दल या विचारधारा से जुड़ा हो, कानून की नजर में समान व्यवहार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसी अपराधी के पक्ष में नहीं है और उसकी मांग है कि पीड़िता को न्याय, आरोपी की निष्पक्ष जांच तथा दोष सिद्ध होने पर कानून के अनुसार कठोर सजा मिले।
भोज ने सरकार से महिला अपराधों की रोकथाम के लिए पुलिस व्यवस्था मजबूत करने, संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने, महिलाओं की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई और लंबित मामलों की नियमित निगरानी को लेकर उठाए गए कदमों पर सवाल किया। उन्होंने कहा कि केवल महिला हेल्पलाइन, योजनाओं और सरकारी दावों से सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होगी, बल्कि अपराध होने पर पुलिस और प्रशासन को पीड़ित परिवार के साथ खड़ा दिखाई देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा सहित पूरे पर्वतीय क्षेत्र में महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। शिक्षा, रोजगार और अन्य आवश्यकताओं के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में आने-जाने वाली महिलाओं और युवतियों के लिए सुरक्षित परिवहन, बेहतर पुलिस व्यवस्था, महिला सहायता केंद्र और त्वरित शिकायत निस्तारण जरूरी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जिला संगठन महिलाओं से जुड़े गंभीर मामलों को मजबूती से उठाएगा और आवश्यकता पड़ने पर पीड़ित परिवार की आवाज प्रशासन और पुलिस अधिकारियों तक पहुंचाएगा।
भोज ने कहा कि महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और न्याय से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि राजनीतिक प्रभाव, पद, पैसा या सत्ता किसी अपराध की ढाल नहीं बनना चाहिए। उन्होंने प्रदेश की जनता, युवाओं और मातृशक्ति से महिलाओं के खिलाफ अपराधों के विरुद्ध एकजुट होकर आवाज उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस महिला सुरक्षा के मुद्दे पर लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी।



