
देहरादून। राजधानी में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। बसंत विहार क्षेत्र में हुई लूट की घटना में 14 दिन बाद मुकदमा दर्ज किए जाने से पुलिस की सुस्ती सामने आई है।
जानकारी के अनुसार ओएनजीसी के पूर्व एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर मनोज बर्थवाल की पत्नी सुनंदा बर्थवाल से 24 मार्च की शाम बसंत विहार कॉलोनी फेज-2 में टहलते समय स्कूटर सवार अज्ञात व्यक्ति ने झपट्टा मारकर बैग छीन लिया। बैग में मोबाइल फोन और नगदी रखी हुई थी। घटना के तुरंत बाद थाने में तहरीर दी गई, लेकिन पुलिस ने न तो मुकदमा दर्ज किया और न ही शिकायत की रसीद दी।
पीड़ित परिवार के अनुसार बाद में मोबाइल की लोकेशन मोथरोवाला और फिर चुक्खुवाला क्षेत्र में मिली, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। मामले को लेकर उच्च स्तर पर भी संपर्क किया गया, फिर भी थाना स्तर पर कार्रवाई में देरी होती रही।
बताया जा रहा है कि पीड़ित ने वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात की और ईमेल के माध्यम से शिकायत भेजी, जिसके बाद मंगलवार रात को मुकदमा दर्ज किया गया।
एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने मामले में देरी को गंभीर बताते हुए कहा कि मुकदमा दर्ज करने में हुई देरी की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।


