
देहरादून(आरएनएस)। उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन के द्विवार्षिक चुनाव में सर्वसम्मित से महामंत्री अशोक चौधरी और अध्यक्ष कमल पपनै को चुना गया। नई कार्यकारिणी की पहली बैठक में कर्मचारी और रोडवेज हित में आठ प्रस्ताव भी पारित किए गए। शनिवार को हरिद्वार रोड स्थित एक होटल में हुए चुनाव में प्रदेश भर से यूनियन के शाखाओं के 150 पदाधिकारियों और सदस्यों ने हिस्सा लिया। इसके गठित कार्यकारिणी में अध्यक्ष और महामंत्री पद के अलावा केपी सिंह कार्यवाहक अध्यक्ष, उदयवीर सिंह, दयाल जोशी, बलदेव सिंह व हरीश जोशी उपाध्यक्ष, एलडी पालीवाल उपमहामंत्री, ललित प्रसाद, गुरवेल सिंह, गोपेश्वर श्रीवास्तव और जितेन्द्र कुमार संयुक्त मंत्री, प्रवीण सैनी संगठन मंत्री और कमल धामा कोषाध्यक्ष चुने गए। चुनाव दीपक शाह, राजसिंह राठी और रामअवध यादव की देखरेख में हुई प्रक्रिया हुए। नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने निगम और कर्मचारी हितों के लिए काम करने का संकल्प लिया। इसके बाद नई कार्यकारिणी की पहली बैठक में आगामी दो वर्षों का लक्ष्य निर्धारित करते हुए आठ प्रमुख प्रस्ताव पारित किए गए।
ये प्रस्ताव हुए पारित: यूनियन ने मांग की है कि परिवहन निगम की आर्थिक और तकनीकी दशा सुधारने के लिए बसों की संख्या बढ़ाकर 2000 की जाए, जिसमें निगम की अपनी कम से कम 1400 बसें हों और बेड़े में इलेक्ट्रिक बसों को प्राथमिकता मिले। इसके साथ ही सभी संविदा और विशेष श्रेणी कर्मियों को नियमित किया जाए और एरियर सहित महंगाई भत्ते का भुगतान हो, नियमित और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के सभी लंबित भुगतानों का समय पर निपटारा किया जाए, प्रारंभिक वेतनमान से 2000 ग्रेड पे को समाप्त कर द्वितीय ग्रेड पे 2400 रुपये किया जाए, देहरादून आईएसबीटी का पूर्ण स्वामित्व उत्तराखंड परिवहन निगम देने और अवैध बसों के संचालन पर रोक की भी मांग उठाई।

