
अल्मोड़ा। उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ की हड़ताल बुधवार को 17वें दिन भी जारी रही। शक्ति सदन में आयोजित धरना-प्रदर्शन में लोक निर्माण, सिंचाई, ग्रामीण निर्माण, आवास विकास, पेयजल निगम और जल संस्थान सहित विभिन्न विभागों के डिप्लोमा इंजीनियर्स शामिल हुए।
महासंघ के तत्वाधान में चल रहे तृतीय चरण के आंदोलन के तहत आयोजित कार्यक्रम में अभियंताओं ने 27 सूत्रीय मांगों के पूर्ण होने तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखने का निर्णय दोहराया। बैठक की अध्यक्षता इंजीनियर रवि दानी ने की।
धरना-सभा में वक्ताओं ने कहा कि मांगों की अनदेखी के चलते उन्हें आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हड़ताल के कारण विकास कार्य प्रभावित हो सकते हैं, लेकिन इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। अभियंताओं की प्रमुख मांगों में समयबद्ध एसीपी के तहत ग्रेड पे वृद्धि, विभागों में पदोन्नति के अवसर, पेयजल एवं जल संस्थान का राजकीयकरण, पुरानी पेंशन बहाली, आईटी भत्ता, फील्ड स्टाफ की नियुक्ति और गैर तकनीकी कार्यों से मुक्ति शामिल हैं।
इस दौरान प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता हर्षित गुप्ता द्वारा जारी पत्र को लेकर अभियंताओं ने नाराजगी जताई और विभाग परिसर में उनके खिलाफ नारेबाजी की। साथ ही संबंधित पत्र पर खेद जताते हुए संशोधित समर्थन पत्र जारी करने की मांग की गई।
विरोध-प्रदर्शन में जीएस मेहरा, ललित मोहन बिष्ट, हिमांशु जोशी, विपिन चंद तिवारी, प्रफुल्ल जोशी, केजी गोस्वामी, कैलाश चंद्र, आरपी टम्टा, प्रदीप कुमार जोशी, वीरेंद्र मेहता, अंकित सिंह, सूरज सिंह रावत, हितांशी नैलवाल और मनोज नाथ सहित अन्य अभियंता मौजूद रहे।

