
पौड़ी (आरएनएस)। विद्यालय सत्यापन अभियान के दौरान शिक्षा विभाग ने बीआर मॉडर्न स्कूल में गंभीर अनियमितताओं का खुलासा किया है। जांच में पाया गया कि आरटीई के तहत प्रवेशित पांच बच्चे बीआर मॉडर्न स्कूल के बजाय करीब एक किलोमीटर दूर संचालित महेश सरला चिल्ड्रन्स एकेडमी में पढ़ाई कर रहे थे। जांच में यह भी सामने आया कि इस एकेडमी के नाम से अलग मान्यता नहीं है और न ही यह यू-डायस पोर्टल पर पंजीकृत है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार सत्यापन के दौरान बड़ी संख्या में अन्य छात्र भी महेश सरला चिल्ड्रन्स एकेडमी परिसर में पढ़ते मिले। प्रारंभिक जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि विद्यार्थियों से फीस इसी नाम से वसूली जा रही थी। ऐसे में शिक्षा विभाग इस पहलू की भी जांच कर रहा है कि कहीं बीआर मॉडर्न स्कूल की मान्यता की आड़ में दूसरे नाम से विद्यालय तो संचालित नहीं किया जा रहा था।
निरीक्षण के दौरान विद्यालय की व्यवस्थाओं में भी कई कमियां मिलीं। प्री-प्राइमरी कक्षाओं के साथ कुछ अन्य कक्षाएं गैलरी और बरामदों में संचालित होती पाई गईं। भवन में छात्र सुरक्षा और आपदा प्रबंधन संबंधी व्यवस्थाएं भी मानकों के अनुरूप नहीं मिलीं। इसके अलावा बीआर मॉडर्न स्कूल में एनसीईआरटी पुस्तकों के स्थान पर कुछ अन्य प्रकाशकों की अपेक्षाकृत महंगी पुस्तकें संचालित किए जाने का मामला भी सामने आया।
छात्र पंजिका की जांच में यह भी पाया गया कि कक्षा-1 में प्रवेशित कुछ विद्यार्थियों की आयु निर्धारित मानक से कम थी। इस तरह सत्यापन में मान्यता, आरटीई के तहत प्रवेशित बच्चों की वास्तविक पढ़ाई, फीस वसूली, यू-डायस पंजीकरण, सुरक्षा व्यवस्था और प्रवेश आयु सहित कई स्तरों पर अनियमितताओं के संकेत मिले हैं।
जिला शिक्षाधिकारी (प्राथमिक) अंशुल बिष्ट ने बताया कि जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर संबंधित विद्यालय को स्पष्टीकरण नोटिस जारी कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रकरण में नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
अब विभागीय जांच में यह स्पष्ट होगा कि इन अनियमितताओं की जिम्मेदारी किसकी है, बिना अलग मान्यता के संचालित बताए जा रहे संस्थान पर क्या कार्रवाई होगी और आरटीई के तहत प्रवेशित बच्चों की पढ़ाई दूसरे परिसर में कराए जाने के मामले में अंतिम निष्कर्ष क्या निकलता है।

