Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राष्ट्रीय
  • मद्रास हाईकोर्ट ने पनीरसेल्वम के पक्ष में फैसला दिया, ईपीएस गुट से बढ़ सकती है तकरार
  • न्यायालय
  • राष्ट्रीय

मद्रास हाईकोर्ट ने पनीरसेल्वम के पक्ष में फैसला दिया, ईपीएस गुट से बढ़ सकती है तकरार

RNS INDIA NEWS 18/08/2022
rns featured image new

चेन्नई (आरएनएस)। मद्रास उच्च न्यायालय का फैसला ओपीएस के पक्ष में आने के बाद ओ. पनीरसेल्वम (ओपीएस) और एडप्पादी के. पलानीस्वामी (ईपीएस) के नेतृत्व वाले गुटों के बीच संघर्ष और बढ़ सकता है। मद्रास उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति जी. जयचंद्रन ने बुधवार को 23 जून की यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया, जिसका मतलब था कि ओपीएस समन्वयक के रूप में और पलानीस्वामी एआईएडीएमके के संयुक्त समन्वयक के रूप में काम करेंगे। इस प्रक्रिया में अदालत ने ईपीएस को अंतरिम महासचिव के रूप में नियुक्त करने और ओपीएस और उनके करीबी लोगों को पार्टी से निष्कासित करने के 11 जुलाई के जनरल काउंसिल (जीसी) के फैसले को रद्द कर दिया।
मद्रास उच्च न्यायालय की एकल पीठ के फैसले को ईपीएस गुट द्वारा चुनौती दिए जाने की संभावना है। ईपीएस के करीबी विश्वासपात्र के.पी. मुनुस्वामी ने बुधवार को मीडियाकर्मियों से कहा कि वे फैसले का पूरा अध्ययन करने के बाद आगे की कार्रवाई करेंगे।
जहां ओपीएस गुट को अन्नाद्रमुक पर कब्जा करने के लिए सत्ता संघर्ष में राहत मिली है, वहीं दोनों नेताओं और उनसे जुड़े लोगों के बीच युद्ध के आगे बढऩे की संभावना है। 23 जून को पहली सामान्य परिषद की बैठक के दौरान ईपीएस के करीबी लोगों द्वारा ओपीएस को उकसाया और अपमानित किया गया था।
गौरतलब है कि ओपीएस ने ईपीएस को पार्टी से निष्कासित भी कर दिया था। मीडियाकर्मियों द्वारा यह पूछे जाने पर कि क्या ईपीएस को पार्टी में वापस लिया जाएगा, ओपीएस ने कहा कि अदालत के आदेश के अनुसार 23 जून को यथास्थिति बनाए रखी जाएगी। इसे एक उम्मीद की किरण के रूप में देखा जाता है, क्योंकि यथास्थिति का अर्थ है, ईपीएस को संयुक्त समन्वयक के रूप में बनाए रखा जाएगा।
राजनीतिक विश्लेषकों और सामाजिक आर्थिक विकास फाउंडेशन के निदेशक, डॉ.आर पद्मनाभन ने हालांकि कहा कि दोनों नेताओं के बीच लड़ाई कम से कम कुछ समय के लिए बढ़ेगी, क्योंकि ओपीएस को थेवर समुदाय का भी सक्रिय समर्थन मिला है।
उन्होंने यह भी कहा कि अन्नाद्रमुक के दो मुख्य नेताओं के बीच लगातार लड़ाई से अन्नाद्रमुक कार्यकर्ताओं का मनोबल गिरेगा और इससे पार्टी प्रभावित होगी।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: पहली बार भारतीय सिनेमाघरों में हिंदी में रिलीज होगी नेपाली फिल्म प्रेम गीत 3
Next: करोड़ों की प्रॉपर्टी, लग्जरी कारें-फार्महाउस, घर में थिएटर, शिकायत के बाद ईओडब्लू ने आरटीओ अफसर के आवास पर मारी रेड

Related Post

rns featured image new
  • राष्ट्रीय

पश्चिम बंगाल सरकार की बड़ी घोषणाएं; महिलाओं को हर महीने मिलेंगे 3 हजार रुपये, पांच रुपये में मछली-चावल

RNS INDIA NEWS 27/05/2026 0
rns featured image new
  • राष्ट्रीय

सनकी पति ने पत्नी और 3 मासूम बच्चों को उतारा मौत के घाट, खुद को भी किया लहूलुहान; हैरान कर देगी वजह

RNS INDIA NEWS 19/05/2026 0
SupremeCourtofIndia (1)_11zon
  • न्यायालय
  • राष्ट्रीय

सार्वजनिक जगहों से हटाए जाएंगे आवारा कुत्ते, सुप्रीम कोर्ट ने अपना पुराना आदेश रखा बरकरार

RNS INDIA NEWS 19/05/2026 0

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • राशिफल 31 मई
  • न्यायालय के वारंटी अभियुक्त को द्वाराहाट पुलिस ने किया गिरफ्तार
  • ट्रैफिक नियम तोड़ने पर 42 वाहनों के चालान और 10 सीज
  • सरकारी गूल और नहर में किया अवैध अतिक्रमण हटाया
  • बेटी और उसके मित्र पर बीमा राशि हड़पने का आरोप, कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज
  • काली फिल्म लगे चार वाहनों पर कार्रवाई, मौके पर हटवाई गई फिल्म
Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.