
हरिद्वार(आरएनएस)। नाबालिग किशोरी से रास्ते में हाथ पकड़कर अश्लील हरकतें करने व विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने के मामले में फास्ट ट्रैक विशेष जज/ अपर जिला जज चंद्रमणि राय ने आरोपी सचिन को दोषी करार दिया है। विशेष कोर्ट ने आरोपी सचिन को तीन साल कैद व 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता भूपेंद्र चौहान ने बताया कि 12 फरवरी 2021 को शिकायतकर्ता माता अपने काम से हरिद्वार शहर में गई हुई थी। जबकि पीड़िता अपने बुजुर्ग मामा के साथ घर पर थी। जब शिकायतकर्ता माता अपने घर पर वापिस लौटी तो बुजुर्ग मामा घर के बाहर खड़े होकर पीड़िता को आवाज लगाकर बुला रहे थे।जबकि पीड़िता घर पर मौजूद नहीं थी। पूछने पर बुजुर्ग मामा ने बताया कि शाम छह बजे से पीड़िता घर से बिना बताएं कहीं चली गई है घर का दरवाजा बाहर से बंद किया हुआ था। काफी तलाश करने पर भी पीड़िता का कोई पता नहीं चला था। घटना के अगले दिन शिकायतकर्ता माता ने अपनी पीड़ित लड़की की एक गुमशुदगी शिकायत पुलिस में दी थी। उसी रात पीड़िता दिल्ली स्थित एक गुरुद्वारे में मिली थी। दिल्ली पुलिस की सूचना पर उसके परिजन और पुलिस घर वापिस लेकर आए थे। घर आकर पीड़िता ने सारी आपबीती बताई थी। पुलिस ने आरोपी सचिन निवासी ग्राम फाता वाला थाना टांडा जिला रामपुर यूपी के खिलाफ संबधित धाराओं में केस दर्ज किया था। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपी सचिन के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया था। सरकारी वकील ने सात गवाह और आरोपी पक्ष की ओर से एक गवाह पेश किया गया था। साथ ही, जुर्माना राशि 20 हजार रुपये जमा ना करने पर आरोपी को एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
