
देहरादून(आरएनएस)। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज (जीडीएमसी) में सोमवार को कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में 63 छात्रों ने भाग लेकर हृदय गति रुकने जैसी आपात स्थितियों में जीवन बचाने वाली सीपीआर तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। कार्यशाला का आयोजन डीन डॉ.(प्रो.) गीता जैन और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरएस बिष्ट के मार्गदर्शन में हुआ। बाल रोग विभागाध्यक्ष एवं कार्यशाला समन्वयक डॉ. अशोक कुमार ने कार्यक्रम का समन्वयन किया, जबकि एनेस्थीसिया विभाग के एएलएस एवं बीएलएस समन्वयक डॉ. अतुल सिंह ने प्रशिक्षण सत्रों का नेतृत्व किया। प्रशिक्षण के दौरान डॉ. बनिता नेगी, डॉ. दानिश और डॉ. कुलदीप कुमार सहित सीपीआर प्रशिक्षकों की टीम ने छात्रों को सीपीआर की आधुनिक तकनीकों का अभ्यास कराया।विशेषज्ञों ने बताया कि समय पर और सही तरीके से दिया गया सीपीआर किसी भी व्यक्ति की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। कॉलेज प्रशासन ने बताया कि यह पहल देशव्यापी सीपीआर जागरूकता अभियान का हिस्सा है। इसका उद्देश्य भविष्य के चिकित्सकों के साथ-साथ ऐसे जिम्मेदार नागरिक तैयार करना है, जो आपातकालीन परिस्थितियों में प्रभावी सहायता प्रदान कर सकें।
