
हरिद्वार(आरएनएस)। धनपुरा से दोगीवाला मार्ग पर अधूरा नाला निर्माण और जर्जर सड़क बरसात में ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। जलभराव से सड़क तालाब में तब्दील हो रही है और लोगों ने जल्द समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। करीब आधा किलोमीटर लंबी सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। हल्की बारिश होते ही मार्ग पर जलभराव हो जाता है, जिससे राहगीरों, स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं का आवागमन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में कई वर्षों से बरसात के दौरान जलभराव की समस्या बनी हुई है। धनपुरा गांव के गंदे पानी की निकासी के लिए बनाया जा रहा नाला पिछले पांच महीने से अधूरा पड़ा है। निर्माण कार्य रुकने के कारण मामूली बारिश में भी सड़कें तालाब बन जाती हैं और गंदा पानी लोगों के घरों में घुस जाता है। इससे घरेलू सामान खराब होने के साथ संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार सांप और बिच्छू भी पानी के साथ घरों में पहुंच जाते हैं। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि तस्लीम अहमद ने कहा कि नाले का निर्माण शुरू करने से पहले सड़क की वास्तविक चौड़ाई का निर्धारण जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार और संबंधित विभाग ने ग्राम पंचायत को जानकारी दिए बिना कार्य शुरू कर दिया था। उन्होंने कहा कि पैमाइश के बाद नियमानुसार निर्माण कराया जाए। साथ ही सड़क निर्माण का प्रस्ताव भी भेजा जा चुका है, जिसके स्वीकृत होने पर सड़क का निर्माण कराया जाएगा।
ग्रामीणों के अनुसार धनपुरा से पथरी जंगल तक जिला योजना के तहत नाले का निर्माण कराया जा रहा था। जनवरी में ग्रामीणों ने निर्माण कार्य रुकवा दिया था। उनका आरोप था कि ठेकेदार ने नाला सड़क की ओर बना दिया, जिससे सड़क की चौड़ाई कम हो रही थी, जबकि खेतों की ओर पर्याप्त जगह उपलब्ध थी। ग्रामीणों ने पहले सड़क की पैमाइश कराने और उसके बाद नियमानुसार निर्माण कराने की मांग की थी। शिकायत के बाद से निर्माण कार्य पूरी तरह बंद है।
सड़क और नाला दोनों बनाने की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि यदि नाला निर्माण पूरा कर सड़क का पुनर्निर्माण करा दिया जाए तो वर्षों पुरानी जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान हो सकता है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
