
देहरादून (आरएनएस)। चर्चित रजिस्ट्री घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मुख्य आरोपी नवीन कुमार मित्तल को गिरफ्तार कर लिया है। ईडी ने उसे पीएमएलए की धारा 19 के तहत गिरफ्तार कर विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया, जहां से अदालत ने पांच दिन की ईडी रिमांड मंजूर कर दी।
राज्य में करीब तीन वर्ष पहले सामने आए रजिस्ट्री घोटाले में फर्जी भूमि अभिलेख तैयार कर करोड़ों रुपये की जमीनों की अवैध बिक्री के आरोप में कई मुकदमे दर्ज हुए थे। पुलिस जांच के बाद दाखिल चार्जशीटों में नवीन कुमार मित्तल को मुख्य आरोपी और फर्जीवाड़े का प्रमुख लाभार्थी बताया गया था। इन्हीं मामलों के आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की।
ईडी की जांच में सामने आया कि नवीन मित्तल ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए अपने एक सह-आरोपी को जमीन का वास्तविक मालिक दर्शाकर बैनामों के माध्यम से संपत्तियों की बिक्री कराई। इस प्रक्रिया से करीब 3.24 करोड़ रुपये की कथित अपराध आय सह-आरोपियों के बैंक खातों में जमा कराई गई।
जांच एजेंसी के अनुसार केंद्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (सीएफएसएल) से बैंक रिकॉर्ड की जांच में यह तथ्य सामने आया कि सह-आरोपी के नाम से संचालित बैंक खाते का वास्तविक संचालन स्वयं नवीन मित्तल कर रहा था। खाते में जमा धनराशि बाद में उसकी नियंत्रण वाली कंपनियों में स्थानांतरित की गई।
ईडी का आरोप है कि बार-बार समन भेजे जाने के बावजूद नवीन मित्तल जांच में सहयोग नहीं कर रहा था। उस पर गवाहों को प्रभावित करने, रिश्तेदारों को बयान देने से रोकने तथा कथित अवैध लेन-देन को वैध दिखाने के लिए नए फर्जी दस्तावेज तैयार करने का भी आरोप है।
ईडी ने अगस्त 2026 में मित्तल के ठिकानों पर छापेमारी कर कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए थे। एजेंसी का दावा है कि जांच में उसके अन्य भूमि फर्जीवाड़ों से जुड़े भी साक्ष्य मिले हैं, जिनकी पड़ताल जारी है।
इससे पहले ईडी इस मामले में सह-आरोपी हुमायूं परवेज, मोहम्मद वकील और मुकेश कुमार गुप्ता के खिलाफ भी अभियोजन शिकायत (चार्जशीट) दाखिल कर चुकी है।

