
देहरादून(आरएनएस)। उत्तरांचल फेडरेशन ऑफ मिनिस्टीरियल सर्विसेज एसोसिएशन ने पुरानी पेंशन, गोल्डन कार्ड समेत 12 सूत्रीय मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। उन्होंने मिनिस्टीरियल संवर्ग की विभिन्न मांगों, पेंशन और वेतनमान से जुड़े मामलों में शासन स्तर पर लंबित होने पर रोष जताया।सोमवार को 12 सूत्रीय मांग पत्र पर शासन स्तर से अब तक सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने के विरोध में उत्तरांचल फेडरेशन ऑफ मिनिस्टीरियल सर्विसेज एसोसिएशन ने जनजागरण अभियान चलाया। एसोसिएशन ने डीएम कार्यालय, आबकारी विभाग और लोक निर्माण विभाग (खण्डीय) कार्यालय में गेट मीटिंग आयोजित कर कर्मचारियों से जुड़ी मांगों और समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। कलेक्ट्रेट संघ के अध्यक्ष आशीष जोशी व सचिव सुभाष रतूड़ी ने कहा कि कर्मचारियों की ओर से लंबे समय से गोल्डन कार्ड, पुरानी पेंशन समेत अन्य मांगों को उठा रहे हैं लेकिन सरकार की ओर सिर्फआश्वासन ही दिए जा रहे हैं।
कहा कि कर्मचारियों की लगातार उपेक्षा की जा रही है जिससे कर्मचारियों में रोष है। प्रांतीय संरक्षक पूर्णानंद नौटियाल, विक्रम रावत ने कहा कि मिनिस्टीरियल संवर्ग की विभिन्न मांगों, पेंशन और वेतनमान से जुड़े मामलों में शासन स्तर पर लंबे समय से कार्रवाई लंबित है। प्रांतीय संगठन मंत्री राकेश रावत व उर्मिला द्विवेदी ने कहा कि सामान्य मांगों पर सहमति बनने के बावजूद शासनादेश जारी नहीं किए जाने से कर्मचारियों में रोष है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी सरकारी योजनाओं और विभागीय कार्यों को धरातल पर लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसके बावजूद उनकी समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ के प्रांतीय कोषाध्यक्ष इं. शांतनुशर्मा, मुकेश रतूड़ी ने आंदोलन का समर्थन किया। कहा कि 29 सितंबर को जिला मुख्यालय में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन होगा। इसके बाद 5 अक्टूबर को प्रदेश स्तरीय रैली होगी। 8 सितंबर को शिक्षा महानिदेशालय समेत विभिन्न कार्यालयों में गेट मीटिंग प्रस्तावित है। इस दौरान मुकेश बहुगुणा, राकेश रावत, संजय भास्कर,बिजेंद्र कंडारी, शुभम चौधरी विकास शर्मा, प्रदीप सैनी, हरीश पांडे, आलोक शर्मा, आदि मौजूद थे।

