
हरिद्वार(आरएनएस)। ऋषिकुल मैदान स्थित चारधाम यात्रा के निशुल्क ऑफलाइन पंजीकरण केंद्र पर रविवार को अव्यवस्थाएं हावी रहीं। सुबह सात से दोपहर एक बजे तक पंजीकरण प्रक्रिया बंद रहने से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। भीषण गर्मी और लंबी कतारों के बीच कुछ यात्रियों का धैर्य जवाब दे गया, जिससे मौके पर पुलिस से उनकी नोकझोंक हो गई। दोपहर करीब एक बजे के बाद पंजीकरण प्रक्रिया दोबारा शुरू कराई गई, जिसके बाद राहत मिली। रविवार सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु पंजीकरण कराने के लिए केंद्र पहुंच गए थे, लेकिन तकनीकी दिक्कत और व्यवस्था बाधित होने के कारण रजिस्ट्रेशन कार्य बंद रहा। लंबा इंतजार करने के बाद कई यात्री लाइन में ही बैठ गए, जबकि कुछ लोग थकान के चलते जमीन पर लेट गए। इसी दौरान कुछ श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन काउंटर की ओर बढ़ने की कोशिश की, जिससे पुलिस से धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। हालात को संभालने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा। मालूम हो कि पिछले कुछ दिनों से लगातार पंजीकरण में बाधा आ रही है। सर्वर डाउन के साथ-साथ चारधाम में भीड़ अधिक होने से पंजीकरण नहीं हो रहे हैं। इससे यात्रियों को यात्रा में रुकावट आ रही है। नांदेड़ महाराष्ट्र निवासी तुलाराम, मंजूनाथ, सावित्री बाई, आशा ने बताया कि तीन घंटे से लाइन में खड़े हैं। लाइन आगे ही नहीं बढ़ रही है। पुलिसकर्मियों ने बताया कि रजिस्ट्रेशन बंद किया हुआ है। कुछ पता नहीं कब शुरू होगा। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार कह रही है बिना पंजीकरण के यात्रा नहीं होगी और दूसरी तरफ पंजीकरण नहीं हो रहे। पंजीकरण नहीं होने पर हजारों यात्री मायूस होकर वापस चले गए। उन्होंने बताया कि जहां भी पंजीकरण होगा करवा लेंगे। अब इतनी दूर आएं हैं तो यात्रा पूरी कर ही वापस घर जायेंगे।
रजिस्ट्रेशन केंद्र पर भीड़ बढ़ने के कारण कई यात्रियों को गेट से ही वापस लौटा दिया गया। पंजीकरण प्रक्रिया बाधित होने से केंद्र पर लगातार भीड़ बढ़ती रही। स्थिति को देखते हुए पुलिसकर्मियों ने कई यात्रियों और वाहनों को बाहर ही रोक दिया। केंद्र में बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से श्रद्धालुओं को भीषण गर्मी में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
यात्रियों का आरोप है कि सही जानकारी नहीं दी जाती है। इससे भ्रम की स्थिति बनी रहती है। पूछताछ केंद्र पर भी कोई ठोस जवाब नहीं मिलता कब रजिस्ट्रेशन शुरू होगा या कब तक बंद रहेगा।

