
काशीपुर(आरएनएस)। बहुचर्चित सुखवंत सिंह आत्महत्या प्रकरण में मुख्य गवाह को फोन पर गवाही न देने और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। पीड़ित की तहरीर पर कुंडा थाना पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने गवाह और उसके परिवार की सुरक्षा को लेकर भी सतर्कता बरतने की बात कही है। ग्राम पैगा निवासी दलबीर सिंह पन्नू पुत्र सितारा सिंह ने कुंडा थाना पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह कोतवाली आईटीआई में दर्ज सुखवंत सिंह आत्महत्या मामले में मुख्य गवाह हैं। आरोप है कि उनकी गवाही से आरोपी पक्ष के लोग बौखला गए हैं और अब उन्हें लगातार डराने-धमकाने का प्रयास कर रहे हैं। दलबीर सिंह के मुताबिक, एक जुलाई की सुबह करीब 11:57 बजे उनके मोबाइल फोन पर आशीष चौहान पुत्र गिरवर सिंह की कॉल आई। आरोप है कि फोन उठाते ही आशीष ने उन्हें अदालत में गवाही देने पर गंभीर परिणाम भुगतने और जान से मारने की धमकी दी। दलबीर का कहना है कि बातचीत के दौरान फोन के पीछे से अमरजीत सिंह पुत्र दरबारा सिंह की आवाज भी सुनाई दे रही थी। आरोप है कि अमरजीत ने भी उन्हें गालियां दीं और कोर्ट में पैर न रखने की चेतावनी दी। घटना के बाद से दलबीर सिंह और उनके परिवार में भय का माहौल है। उन्होंने दोनों आरोपियों से जान-माल का खतरा बताते हुए पुलिस से सुरक्षा की मांग की है। कुंडा थाना प्रभारी धीरेंद्र कुमार ने बताया कि तहरीर के आधार पर आशीष चौहान और अमरजीत सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
