
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को स्वर्गीय अंकिता भंडारी के माता-पिता के अनुरोध और उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए प्रकरण की सीबीआई जांच कराए जाने की संस्तुति प्रदान की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य शुरू से ही निष्पक्ष, पारदर्शी और संवेदनशील तरीके से न्याय सुनिश्चित करना रहा है और आगे भी यही प्राथमिकता रहेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अत्यंत दुखद और हृदयविदारक घटना की जानकारी मिलते ही राज्य सरकार ने बिना विलंब के कार्रवाई की। मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल का गठन किया गया। उन्होंने बताया कि सभी अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी की गई और सरकार की ओर से सशक्त पैरवी सुनिश्चित की गई, जिसके चलते विवेचना और ट्रायल के दौरान किसी भी अभियुक्त को जमानत नहीं मिल सकी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेष जांच दल की गहन विवेचना के बाद अभियुक्तों के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल किया गया और निचली अदालत में सुनवाई पूरी होने पर अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। उन्होंने इसे इस बात का प्रमाण बताया कि सरकार ने पूरे प्रकरण में आरंभ से अंत तक दृढ़ता, निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ न्याय सुनिश्चित किया।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर प्रसारित कुछ ऑडियो क्लिप के संबंध में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई हैं, जिनकी जांच की प्रक्रिया लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा पूरी तरह स्पष्ट है और किसी भी तथ्य या साक्ष्य की अनदेखी नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने भावुक होते हुए कहा कि अंकिता केवल एक पीड़िता नहीं थी, बल्कि वह समाज की बहन और बेटी थी। उन्होंने जानकारी दी कि हाल ही में उनकी स्वर्गीय अंकिता भंडारी के माता-पिता से मुलाकात हुई, जिसमें उन्होंने सीबीआई जांच का अनुरोध किया। इस अनुरोध और उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए राज्य सरकार ने प्रकरण की सीबीआई से जांच कराने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दोहराया कि राज्य सरकार पहले भी न्याय के लिए प्रतिबद्ध रही है और आगे भी पूरी संवेदनशीलता और दृढ़ संकल्प के साथ स्वर्गीय अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध रहेगी।
