

रुद्रपुर(आरएनएस)। उत्तराखंड बीज एवं तराई विकास निगम (टीडीसी) और राष्ट्रीय बीज निगम आपसी सहयोग से अपने कारोबार और व्यावसायिक गतिविधियों का विस्तार करेंगे। डीएम नितिन सिंह भदौरिया ने दोनों संस्थाओं को दीर्घकालिक व्यावसायिक रणनीति के तहत काम करने के निर्देश देते हुए कहा कि आपसी समन्वय और सहयोग से दोनों संस्थाओं को लाभ पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने टीडीसी के विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए कार्यालय भवन को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक मॉडल कार्यालय के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। सोमवार को डीएम ने कैम्प कार्यालय में उत्तराखंड बीज एवं तराई विकास निगम की बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने टीडीसी और राष्ट्रीय बीज निगम के बीच आपसी सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि दोनों संस्थाओं को केवल तात्कालिक लाभ के बजाय दीर्घकालिक व्यवसाय को ध्यान में रखकर योजनाबद्ध तरीके से कार्य करना चाहिए, जिससे उनकी व्यावसायिक स्थिति मजबूत हो और दोनों संस्थाएं लाभान्वित हों। बैठक में डीएम ने टीडीसी के विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा भी की। टीडीसी के कार्यालय भवन निर्माण की स्थिति की जानकारी लेते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि भवन का प्रारूप भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया जाए। कार्यालय को मॉडल कार्यालय के रूप में विकसित किया जाए, जिसमें आगंतुकों के लिए बेहतर प्रतीक्षालय, अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सुविधाजनक कक्ष तथा अन्य आधुनिक व्यवस्थाएं उपलब्ध हों। डीएम ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करने और सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरे करने के निर्देश दिए। बैठक में निदेशक अंकुर पपनेजा, डॉ. अमित भटनागर, मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. वीकेएस यादव, पंकज कुमार शुक्ला, डॉ. दीपक पांडे, जीसी तिवारी, नकुल जोशी सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।



