

अल्मोड़ा। विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा की ओर से सोमवार को हवालबाग विकासखंड के उडियारी गांव में ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। संस्थान के निदेशक डॉ. लक्ष्मीकांत के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में 14 महिला किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम का समन्वय डॉ. रवि शंकर सिंह और डॉ. अमित ठाकुर ने किया। कार्यक्रम में वैज्ञानिकों ने खेत बचाओ अभियान के उद्देश्यों और मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के महत्व की जानकारी देते हुए किसानों को टिकाऊ कृषि पद्धतियां अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान जलवायु अनुकूल खेती, जैविक खेती और प्राकृतिक खेती के तरीकों पर विशेष जोर दिया गया। वैज्ञानिकों ने गोबर के वैज्ञानिक प्रबंधन, उचित भंडारण और उससे गुणवत्तायुक्त जैविक खाद तैयार करने की विधियां भी बताईं। किसानों को बताया गया कि गोबर को उचित स्थान पर एकत्रित कर सुरक्षित तरीके से भंडारित करना चाहिए, ताकि वर्षा के पानी से उसमें मौजूद पोषक तत्वों का नुकसान न हो। गोबर को सही तरीके से सड़ाकर तैयार की गई जैविक खाद का खेतों में उपयोग करने से मिट्टी में जैविक पदार्थों की मात्रा बढ़ती है। इससे मिट्टी की संरचना और जलधारण क्षमता में भी सुधार होता है। कार्यक्रम में महिला किसानों ने सब्जी उत्पादन में विशेष रुचि दिखाई। उन्होंने प्याज और हल्दी के उन्नत बीजों की उपलब्धता तथा फसलों में लगने वाले रोगों की रोकथाम के संबंध में वैज्ञानिकों से जानकारी ली। वैज्ञानिकों ने उन्हें हल्दी की लाभकारी खेती के तरीके भी बताए। इस दौरान किसानों ने जंगली जानवरों से फसलों को होने वाले नुकसान की समस्या भी उठाई। वैज्ञानिकों ने संवाद के माध्यम से किसानों की कृषि संबंधी समस्याओं को सुना और उनके संभावित समाधान बताए। साथ ही महिला किसानों को संस्थान की ओर से समय-समय पर आयोजित होने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।





