
हरिद्वार(आरएनएस)। जिले में स्कूल वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था पर परिवहन विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष जांच अभियान के तहत विभिन्न स्कूलों की बसों और अन्य विद्यालय वाहनों की सघन जांच की गई। इस दौरान सुरक्षा मानकों और जरूरी दस्तावेजों में कमी मिलने पर 45 स्कूल वाहनों के चालान किए गए। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) नेहा झा के नेतृत्व में परिवहन विभाग की टीमों ने जिले के विभिन्न विद्यालयों और प्रमुख मार्गों पर संचालित स्कूल वाहनों की जांच की। अभियान के दौरान फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट, चालक के वैध ड्राइविंग लाइसेंस, अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स और महिला परिचारिका (लेडी अटेंडेंट) की उपलब्धता समेत अन्य सुरक्षा मानकों का परीक्षण किया गया। जांच में कई वाहनों में फिटनेस प्रमाणपत्र और परमिट संबंधी अनियमितताएं मिलीं। कुछ वाहनों के चालक वैध ड्राइविंग लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सके, जबकि कई वाहनों में अग्निशमन यंत्र और फर्स्ट एड बॉक्स नहीं मिले। निर्धारित मानकों के अनुरूप महिला परिचारिका की अनुपस्थिति भी सामने आई। इन सभी मामलों में मोटरयान अधिनियम के तहत 45 स्कूल वाहनों के चालान किए गए। अभियान के दौरान विद्यालय प्रबंधन और वाहन चालकों को निर्देश दिए गए कि सभी वैध अभिलेखों और अनिवार्य सुरक्षा उपकरणों के साथ ही स्कूल वाहनों का संचालन करें। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि नियमों की अनदेखी मिलने पर भविष्य में और कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।परिवहन विभाग के मुताबिक विद्यालयी बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए यह विशेष जांच अभियान आगामी दिनों में भी लगातार जारी रहेगा। अभियान में परिवहन कर अधिकारी मुकेश भारती, परिवहन कर अधिकारी वरुणा सैनी, परिवहन उपनिरीक्षक अश्वनी कुमार सहित विभाग की प्रवर्तन टीम मौजूद रही।
