
रुद्रपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शक्तिफार्म की एंबुलेंस सेवा को लेकर सोशल मीडिया पर कथित भ्रामक सूचना प्रसारित करने के मामले में तीन लोगों के खिलाफ सितारगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है।
सीएचसी शक्तिफार्म के चिकित्साधिकारी डॉ. रोहन कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया कि सुब्रतन कुमार, विक्की मंडल और अमित विश्वास ने अपनी फेसबुक आईडी से ऐसी पोस्ट साझा कीं, जिनमें दावा किया गया कि डीजल खत्म होने के कारण एंबुलेंस रास्ते में खड़ी रही और इससे मरीज की मौत हो गई।
डॉ. रोहन कुमार ने कहा कि यह जानकारी पूरी तरह निराधार और तथ्यहीन है। उनके अनुसार सड़क हादसे में घायल युवक को अस्पताल मृत अवस्था में लाया गया था तथा एंबुलेंस में ईंधन समाप्त होने जैसी कोई घटना नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि झूठी खबर फैलाकर स्वास्थ्य विभाग की छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया।
शुक्रवार को चिकित्साधिकारी और स्वास्थ्यकर्मी पुलिस चौकी पहुंचे और मामले में कार्रवाई की मांग की। इस दौरान डॉ. दर्शन सिंह, डॉ. ख्याली सिंह, मीनाक्षी राय, जीत सिंह, रूपा डे, सीमा मंडल, दुर्गा, अजीत हाल्दार, हरेन मंडल, दीपा मंडल और प्रियंका सहित कई स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।
कोतवाल सुंदरम शर्मा ने बताया कि तीनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
दरअसल, 18 मई की रात शक्तिफार्म क्षेत्र में सड़क हादसे में गुरुनानकनगरी निवासी 24 वर्षीय मंजीत सिंह उर्फ बिट्टू की मौत हो गई थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने और अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर कई पोस्ट वायरल हुई थीं।
इधर, 108 सेवा के जिला समन्वयक नवनीत कुमार ने बताया कि शक्तिफार्म की एंबुलेंस 15 मई से खराब होकर वर्कशॉप में थी और डीजल खत्म होने की बात गलत है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. केके अग्रवाल ने कहा कि भ्रामक सूचना फैलाकर विभाग को बदनाम करना आपराधिक कृत्य है। बिना तथ्यों की पुष्टि के इस प्रकार की पोस्ट करने वालों के खिलाफ भविष्य में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

