
अल्मोड़ा। उत्तराखण्ड की मुख्य पोस्टमास्टर जनरल शशि शालिनी कुजूर ने गुरुवार को अल्मोड़ा प्रधान डाकघर के निकटवर्ती शाखा डाकघरों के शाखा डाकपालों के साथ संवादात्मक बैठक की। बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय और सामाजिक समावेशन को मजबूत बनाने में डाकघरों की भूमिका पर चर्चा की गई। अधीक्षक डाकघर अल्मोड़ा मंडल जे.एस. बोरा ने बताया कि मुख्य पोस्टमास्टर जनरल ने शाखा डाकघरों के कार्यों और प्रदर्शन की समीक्षा करते हुए लक्ष्य प्राप्ति, सेवा गुणवत्ता में सुधार और डाकघरों के सुचारु संचालन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डाकघर ग्रामीण जनता तक सरकारी और वित्तीय सेवाएं पहुंचाने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने शाखा डाकपालों से जनहितकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और ग्राहकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। मुख्य पोस्टमास्टर जनरल ने विभाग के मूल मंत्र ‘डाक सेवा, जन सेवा’ को व्यवहार में उतारने पर विशेष बल देते हुए कहा कि प्रत्येक डाक कर्मचारी को जनसेवा की भावना के साथ कार्य करना चाहिए, ताकि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को समयबद्ध, विश्वसनीय और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिल सकें। बैठक में शाखा डाकपालों ने क्षेत्रीय चुनौतियों और सुझावों को भी साझा किया, जिन पर सकारात्मक चर्चा करते हुए आवश्यक मार्गदर्शन दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि इस संवाद से ग्रामीण डाक सेवाओं को अधिक प्रभावी और जनोन्मुखी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हुए हैं। बैठक में सहायक अधीक्षक डाकघर (भ्रमण) सुमित कुमार सिंह फर्त्याल, डाक निरीक्षक सी.पी. थपलियाल, आयुष पाण्डेय, देव सिंह पांगती सहित अन्य डाक कर्मचारी मौजूद रहे।

