
श्रीनगर/देहरादून। प्रदेश के सभी विद्यालयों में एनसीसी, एनएसएस और स्काउट-गाइड की इकाइयों का गठन किया जाएगा, ताकि छात्र-छात्राओं को इन गतिविधियों में भाग लेकर प्रशिक्षण का अवसर मिल सके। विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विभागीय अधिकारियों को स्कूलों में ड्रॉपआउट दर कम करने, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने और मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजना का लाभ अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंचाने के निर्देश भी दिए हैं।
गुरुवार को श्रीनगर में विद्यालयी शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में डॉ. रावत ने कहा कि प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर ड्रॉपआउट दर को शून्य करने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि राज्य में शिक्षा व्यवस्था को अधिक गुणवत्तापूर्ण और छात्र केंद्रित बनाने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य करने की आवश्यकता है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार की ओर से विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, नोटबुक, ड्रेस, जूते और साइकिल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि आर्थिक कारणों से किसी भी छात्र की पढ़ाई प्रभावित न हो। उन्होंने मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया।
बैठक में उन्होंने अधिकारियों को छात्र संख्या के आधार पर विद्यालयों के उच्चीकरण, डी-श्रेणी में चिह्नित विद्यालयों के निर्माण कार्यों के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने, शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया में तेजी लाने तथा विद्यालयों के विकासखंडवार मात्राकरण के निर्देश दिए।
डॉ. रावत ने अटल उत्कृष्ट विद्यालयों, क्लस्टर विद्यालयों, निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों के वितरण, अवस्थापना सुविधाओं और निर्माण कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने डायट संस्थानों में आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने और शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाने पर बल दिया।
उन्होंने अधिकारियों को विद्यालयों में फर्नीचर, बिजली, पेयजल, शौचालय और कंप्यूटर लैब सहित सभी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
बैठक में उप सचिव विद्यालयी शिक्षा ए.के. शुक्ल, अपर निदेशक विद्यालयी शिक्षा के.एस. रावत, अपर निदेशक माध्यमिक परमेंद्र कुमार, अनु सचिव विकास श्रीवास्तव सहित गढ़वाल मंडल के मुख्य शिक्षा अधिकारी, डायट प्राचार्य और अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
