
विकासनगर(आरएनएस)। बारिश के मौसम में स्किन से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ती हैं। खासकर बच्चों में इस तरह की समस्या अधिक देखने को मिलती हैं। इस बात की पुष्टि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत शिक्षण संस्थानों में बच्चों की रुटीन जांच में भी हो रही है। इन दिनो आंगनबाड़ी से लेकर माध्यमिक स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों में फंगल इंफेक्शन के मामले बढ़ते हुए देखे जा रहे हैं। प्रत्येक स्कूल में सौ में से 20 बच्चे इस तरह की फंगल और बैक्टीरियल इंफेक्शन से ग्रसित मिल रहे हैं। इसका मुख्य कारण है मौसम में बढ़ी नमी है, जो दाद, खाज, खुजली और अन्य इन्फेक्शन को बढ़ावा देती है। आरबीएसके के डॉ. अमित कटियार, डॉ. कंचन रावत, डॉ. अमित अग्रवाल और डॉ. पारुल की टीम प्रत्येक दिन आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच कर दवा वितरित करती है। टीम के चिकित्सकों ने बताया कि बच्चों की इम्युनिटी पर कम होती है, इसलिए ये जल्दी फंगल इन्फेक्शन की चपेट में आ जाते हैं। इसमें बच्चों के शरीर पर गोल या रिंग जैसे लाल चकत्ते बन जाते हैं। खुजली, जलन और पपड़ी जमने जैसी समस्या रहती है। बैक्टीरियल इंफेक्शन यह तेज दर्द, लालिमा और सूजन के साथ शुरू होता है। स्किन पर पस भरे फोड़े-फुंसी हो सकते हैं। यह तेजी से फैल सकता है और गंभीर रूप ले सकता है। बताया कि फंगल इंफेक्शन कॉन्टैक्ट इन्फेक्शन है। एक बच्चे से दूसरे बच्चे में आसानी से फैल जाता है। फंगल इन्फेक्शन वाले व्यक्ति के पर्सनल हाइजीन आइटम शेयर नहीं करने चाहिए।
