
हरिद्वार(आरएनएस)। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हरिद्वार की अदालत ने पनीर के सैंपल फेल होने के दो अलग-अलग मामलों में पनीर निर्माता एवं सप्लायर मोहम्मद सलमान निवासी गुज्जरवाड़ा, देवबंद (यूपी) को दोषी करार देते हुए छह-छह माह के कठोर कारावास और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा 59(1) के तहत यह फैसला सुनाया।
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी ने बताया कि सात जुलाई 2023 को गुप्त सूचना के आधार पर खाद्य सुरक्षा टीम ने सप्तऋषि पुलिस चौकी भूपतवाला में पनीर सप्लाई कर रहे एक मारुति सुजुकी ईको वाहन को पकड़ा था। जांच के दौरान वाहन में प्लास्टिक के ड्रमों में करीब 200 किलो पनीर मिला। आरोपी मौके पर खाद्य लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सका। पूछताछ में उसने बताया कि वह देवबंद में स्वयं पनीर तैयार कर हरिद्वार और देहरादून में सप्लाई करता है।
वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन ने मौके से पनीर के दो नमूने लेकर जांच के लिए राजकीय खाद्य प्रयोगशाला रुद्रपुर भेजे थे। नमूना लेने के बाद शेष पनीर को सराय स्थित नगर निगम के डंपिंग ग्राउंड में दबाकर नष्ट कराया गया था। प्रयोगशाला जांच में दोनों नमूने असुरक्षित पाए गए। रिपोर्ट में पनीर में फॉरेन फैट मिलने और बीआर रीडिंग टेस्ट में फेल होने की पुष्टि हुई। इसके बाद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त से अनुमति लेकर पांच मार्च 2024 को आरोपी के खिलाफ अदालत में दो अलग-अलग परिवाद दायर किए गए। मुकदमे के दौरान विभाग की ओर से गवाह और साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी मोहम्मद सलमान को दोषी मानते हुए दोनों मामलों में अलग-अलग छह-छह माह के कठोर कारावास और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

