Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राज्य
  • उत्तराखंड
  • नैनीताल
  • लंबे समय तक सहमति से बने संबंध को बलात्कार नहीं माना जा सकता: हाई कोर्ट
  • उत्तराखंड
  • नैनीताल
  • न्यायालय

लंबे समय तक सहमति से बने संबंध को बलात्कार नहीं माना जा सकता: हाई कोर्ट

RNS INDIA NEWS 15/02/2026
rns featured image new

नैनीताल (आरएनएस)। उत्तराखंड हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि वयस्कों के बीच आपसी सहमति से बने शारीरिक संबंध, केवल शादी न होने की स्थिति में बलात्कार की श्रेणी में नहीं आते। अदालत ने स्पष्ट किया कि भारतीय दंड संहिता की धारा 376 के तहत मामला तभी बनता है, जब यह ठोस रूप से सिद्ध हो कि शादी का वादा शुरुआत से ही झूठा और धोखे की नीयत से किया गया था।

मामला मसूरी की एक महिला की शिकायत से जुड़ा है, जिसने सूरज बोरा नामक व्यक्ति पर शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने का आरोप लगाया था। महिला के अनुसार आरोपी ने 45 दिन के भीतर विवाह करने का आश्वासन दिया था, लेकिन बाद में वह इससे मुकर गया। इस आधार पर पुलिस ने जांच के बाद आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी, जिसे सूरज बोरा ने हाई कोर्ट में चुनौती दी।

सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि दोनों पक्ष वयस्क हैं और लंबे समय से आपसी सहमति से संबंध में थे। एफआईआर में ऐसा कोई प्रमाण नहीं है, जिससे यह साबित हो कि शुरुआत से ही आरोपी का उद्देश्य धोखा देना था। बचाव पक्ष ने इसे असफल संबंध का मामला बताते हुए आपराधिक कार्यवाही को अनुचित ठहराया। वहीं, राज्य पक्ष और पीड़िता की ओर से दलील दी गई कि महिला की सहमति शादी के वादे पर आधारित थी और यह तय करना कि वादा झूठा था या नहीं, परीक्षण के दौरान ही संभव है।

मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति आशीष नैथानी ने कहा कि किसी संबंध का विवाह में परिवर्तित न होना अपने आप में आपराधिक कृत्य नहीं है। अदालत ने कहा कि यदि शुरुआत से ही शादी का इरादा न होने के बावजूद सहमति हासिल की गई हो, तभी इसे अपराध माना जा सकता है।

अदालत ने उपलब्ध तथ्यों के आधार पर पाया कि दोनों के बीच लंबे समय तक सहमति से संबंध रहे हैं और प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी का स्पष्ट आधार नहीं बनता। ऐसे में आपराधिक कार्यवाही को जारी रखना उचित नहीं है। कोर्ट ने देहरादून के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में लंबित मामले और 22 जुलाई 2023 को दाखिल चार्जशीट को रद्द करने का आदेश दिया।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: बंदूक से फायर कर रील बनाने वाला गिरफ्तार
Next: यूकेडी ने निकाली रैली, 70 सीटों पर चुनाव लड़ने का एलान

Related Post

rns featured image new
  • उत्तराखंड
  • देहरादून

केंद्र सरकार से उत्तराखंड को पूंजीगत निवेश के लिए ₹451.63 करोड़ की विशेष सहायता ऋण की प्रथम किस्त स्वीकृत

RNS INDIA NEWS 13/07/2026 0
rns featured image new
  • नैनीताल

भिड़ंत के बाद खाई में गिरी टैक्सी और बुलेट, एक घायल

RNS INDIA NEWS 12/07/2026 0
rns featured image new
  • नैनीताल

रामगाड़ के पास भू-धंसाव से नदी में समाया अल्मोड़ा हाईवे का एक हिस्सा

RNS INDIA NEWS 12/07/2026 0

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • होटल रिव्यू और क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर 18.50 लाख की साइबर ठगी
  • अंकित शर्मा हत्याकांड: आप के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत 5 आरोपी दोषी करार, 6 आरोपी बरी
  • आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर उप स्टेशन अधीक्षक को पीटा और घसीटा, 6 आरपीएफ कर्मी निलंबित
  • गदरपुर के ग्राम मजराशीला में घर के बाहर बैठे युवक पर फायरिंग
  • ईओ के स्थानान्तरण को लेकर सभासदों, पर्यावरण मित्रों का धरना जारी
  • प्रथम सेमेस्टर का रजिस्ट्रेशन पोर्टल दोबारा खोलने की मांग, सौंपा ज्ञापन
Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.