Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राज्य
  • उत्तराखंड
  • नैनीताल
  • कर्णप्रयाग रेल लाइन का मलबा नदी में डालने पर सरकार व कंपनी से जवाब मांगा
  • नैनीताल

कर्णप्रयाग रेल लाइन का मलबा नदी में डालने पर सरकार व कंपनी से जवाब मांगा

RNS INDIA NEWS 14/03/2023
rns featured image new

नैनीताल। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने मंगलवार को चारधाम मार्गों के चौड़ीकरण और कर्णप्रयाग में रेल पटरी के निर्माण का मालबा, बोल्डर व अन्य वेस्टेज सामग्री को नदियों में डाले जाने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार, केंद्र सरकार, रोड निर्माणकर्ता कम्पनी व रेलवे विभाग को नोटिस जारी कर छह सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले की सुनवाई के लिए कोर्ट ने 2 अगस्त की तिथि नियत की है। आज मामले की सुनवाई मुख्य न्यायधीश विपिन सांघी व न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खण्डपीठ में हुई। मामले के अनुसार दिल्ली निवासी आचार्य अजय गौतम ने उच्च न्यायालय में दायर जनहित याचिका में कहा है कि चारधाम यात्रा मार्गों में निर्माण के दौरान ब्लास्टिंग और कटिंग का मलबा सीधे नदियों में डाला जा रहा है। इससे नदियों के अस्तित्व पर खतरा पैदा होने के साथ ही पानी भी दूषित हो रहा है। याचिकाकर्ता का कहना है कि यात्रा के दौरान कई बार यात्रा को रोककर पहाड़ी में सड़क कटिंग व ब्लास्टिंग की जाती है जो पूर्णतः असुरक्षित है। ब्लास्टिंग के दौरान पीक सीजन में इनके द्वारा डेढ़ से दो लाख लोगों को रोका जाता है। उसी दौरान सड़क, हाइड्रोपावर व रेलवे लाइन बनाने वाली कम्पनी बिना सर्वे के आये दिन ब्लास्टिंग कर रही है। इसकी वजह से जोशीमठ के 600 घर और कर्णप्रयाग के 50 घरों में दरारें आ चुकी हैं। जनहित याचिका में कहा गया है कि उन्हें और उनके पशुओं को पहले विस्थापित किया जाय।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: नंदा गौरा योजना का लाभ लेने को फर्जीवाड़ा करने पर 193 के खिलाफ मुकदमा
Next: पेयजल आपूर्ति नहीं होने पर जल संस्थान में की तालेबंदी

Related Post

rns featured image new
  • नैनीताल

भिड़ंत के बाद खाई में गिरी टैक्सी और बुलेट, एक घायल

RNS INDIA NEWS 12/07/2026 0
rns featured image new
  • नैनीताल

रामगाड़ के पास भू-धंसाव से नदी में समाया अल्मोड़ा हाईवे का एक हिस्सा

RNS INDIA NEWS 12/07/2026 0
rns featured image new
  • नैनीताल

रामनगर, नैनीताल और हल्द्वानी के चार अपराधी छह माह के लिए जिलाबदर

RNS INDIA NEWS 11/07/2026 0

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • राशिफल 17 जुलाई
  • फर्जी आईपीएस बनकर करोड़ों के सपने बेचने वाला यशोवर्धन गिरफ्तार
  • 2031 तक पूरा करें लखवाड़ बांध परियोजना का निर्माण: मुख्य सचिव
  • शक्ति नहर में डूबे युवक का पांच दिन बाद मिला शव
  • हरेला पर हरिद्वार पुलिस ने शुरू किया 10 हजार पौधारोपण का अभियान
  • शैक्षिक प्रगति ही संस्थान की उन्नति का मूल आधार: कुलपति
Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.