
अल्मोड़ा। भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आईआईएसईआर) पुणे तथा राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) उत्तराखंड के संयुक्त तत्वावधान में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) अल्मोड़ा में आयोजित तीन दिवसीय आईराइज कार्यशाला का गुरुवार को समापन हो गया। कार्यशाला में जनपद के 49 विज्ञान एवं गणित शिक्षकों ने सहभागिता करते हुए गतिविधि आधारित एवं नवाचारी शिक्षण पद्धतियों का प्रशिक्षण प्राप्त किया। समापन समारोह की अध्यक्षता डाइट अल्मोड़ा के प्राचार्य ललित मोहन पांडेय ने की। उन्होंने कहा कि विज्ञान और गणित जैसे विषयों को विद्यार्थियों के लिए सरल, रोचक और जीवनोपयोगी बनाने के लिए शिक्षकों को गतिविधि आधारित एवं नवाचारी शिक्षण पद्धतियां अपनानी होंगी। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्यशालाएं शिक्षकों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मकता और नवाचार की भावना विकसित करने का प्रभावी माध्यम हैं। तीन दिवसीय कार्यशाला के दौरान विज्ञान एवं गणित शिक्षण में नवाचार, गतिविधि आधारित अधिगम, दैनिक जीवन से विषयों का संबंध, गणितीय चिंतन के विकास तथा विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और जिज्ञासा बढ़ाने जैसे विषयों पर सहभागितापूर्ण सत्र आयोजित किए गए। विषय विशेषज्ञ अंकित जोशी, देवेश कुमार तिवारी, गिरीश चंद्र मठपाल और निम्मी बिष्ट ने विभिन्न प्रशिक्षण सत्रों का संचालन करते हुए विज्ञान एवं गणित की अवधारणाओं को सरल, प्रभावी, रोचक और अनुभवात्मक ढंग से पढ़ाने की अनेक शिक्षण विधियों का अभ्यास कराया। समापन अवसर पर प्रतिभागी शिक्षकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि कार्यशाला ने उन्हें कक्षा-कक्ष में नवाचारी एवं गतिविधि आधारित शिक्षण को प्रभावी ढंग से लागू करने की नई दृष्टि प्रदान की है। सभी शिक्षकों ने प्रशिक्षण में सीखी गई शिक्षण पद्धतियों को अपने-अपने विद्यालयों में अपनाने तथा अधिकाधिक विद्यार्थियों तक उसका लाभ पहुंचाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में सभी 49 प्रतिभागी शिक्षकों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
