
रुद्रपुर(आरएनएस)। फर्जी बीटीसी प्रमाण पत्र के आधार पर सरकारी प्राथमिक विद्यालय में करीब 25 वर्षों तक नौकरी करने वाले सहायक अध्यापक के खिलाफ अब आपराधिक कार्रवाई शुरू हो गई है। जांच में प्रमाण पत्र फर्जी पाए जाने के बाद शिक्षक को पहले ही सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है। अब उप खंड शिक्षा अधिकारी की तहरीर पर सितारगंज पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। डिप्टी बेसिक शिक्षा अधिकारी भानु प्रताप ने एसएसपी को दी तहरीर में बताया कि अनिल कुमार, सहायक अध्यापक, राजकीय प्राथमिक विद्यालय बिथा अकबर ने फर्जी बीटीसी प्रमाण पत्र व अंकपत्र के आधार पर नियुक्ति प्राप्त की थी। अनिल कुमार निवासी विलासपुर सोनाड़ी, जनपद देवरिया (उत्तर प्रदेश) की नियुक्ति जिला शिक्षा अधिकारी चमोली के आदेश पर तीन फरवरी 1999 को राजकीय प्राथमिक विद्यालय झिरगांव, विकासखंड देवाल में हुई थी। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर जांच में वर्ष 1990 की बीटीसी अंकतालिका में प्रधानाध्यापक के हस्ताक्षर संदिग्ध पाए गए। अंकों का मिलान टेबुलेशन चार्ट से भी नहीं हो सका। इसके अलावा बीटीसी अंकपत्र का अनुक्रमांक उसी नाम के दूसरे शिक्षक अनिल कुमार पुत्र सुंदर लाल, ग्राम व पोस्ट लंगासू, जनपद चमोली से संबंधित पाया गया, जो वर्तमान में कर्णप्रयाग क्षेत्र में कार्यरत है। छह फरवरी 2025 को जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई। इसके बाद आरोपी शिक्षक को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। सीओ बीएस धौनी ने बताया कि विवेचना के आधार पर आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।

