Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राज्य
  • उत्तराखंड
  • देहरादून
  • बैंकों से करीब 342 करोड़ रुपये का कर्ज लेकर ‘लापता’ हो गए हजारों लोग
  • देहरादून

बैंकों से करीब 342 करोड़ रुपये का कर्ज लेकर ‘लापता’ हो गए हजारों लोग

RNS INDIA NEWS 27/05/2022
rns featured image new

देहरादून। उत्तराखंड में 20 हजार से अधिक लोग सरकारी और अर्ध सरकारी बैंकों से करीब 342 करोड़ रुपये का कर्ज लेकर ‘लापता’ हो गए हैं। इनमें से कई लोग ऐसे भी हैं जिन्हें बैंक पिछले पांच साल से तलाश रहे हैं। राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) की रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है।
वहीं खास बात यह है कि प्रदेश में 16 निजी बैंकों के महज 500 डिफॉल्टर कर्जदार हैं। सरकारी बैंकों में भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा की बात करें तो इनके एक साल से कम आरसी पेंडिंग वाले 5133 लोग ढूंढे भी नहीं मिल रहे हैं। इन्होंने बैंकों से 6615.13 लाख रुपये का कर्ज लिया हुआ है। 9258 लोग ऐसे हैं जिनकी आरसी कटे एक से तीन साल का समय हो चुका है, इन पर बैंकों का 13452.75 लाख रुपये बकाया है।

तीन से पांच साल तक की पेंडिंग आरसी वाले 1654 लोगों को 1575.04 लाख रुपये कर्ज चुकाना है। तीनों बैंकों में सबसे अधिक कर्जदार एसबीआई के हैं। नौ अर्ध सरकारी बैंकों में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ इंडिया से सबसे अधिक लोगों ने कर्ज लिया।
इनमें से कई लोग करोड़ों रुपये लेकर लापता हो गए हैं। ग्रामीण बैंक और कॉपरेटिव बैंक के पास भी डिफॉल्टर कर्जदारों की भरमार है। उधर, प्रदेश में संचालित 16 प्राइवेट बैंकों में नैनीताल बैंक और आईडीबीआई बैंक को छोड़ किसी के पास एक भी डिफॉल्टर कर्जदार नहीं है। जानकारों के अनुसार ऐसा इसलिए है क्योंकि सरकारी बैंक से आरसी कटने के बाद राजस्व विभाग वसूली करता है। जबकि निजी बैंक खुद ही वसूली करते हैं।

उत्तराखंड में बैंकों के डिफाल्टर कर्जदार
बैंक संख्या आरसी ऋण (करोड़ रुपये में)
सरकारी बैंक 03 16,045 216.42
अर्ध सरकारी 09 4688 126.11
निजी बैंक 17 494 19.32

छोटे कर्जदार नहीं चुका पा रहे लोन
सरकारी बैंकों से अधिकांश लोगों ने छोटे कर्ज लिए हैं। इनमें 30 हजार से लेकर 10 लाख रुपये तक की रकम शामिल है। जानकारी के अनुसार काश्तकार, श्रमिक और बेरोजगारों ने यह कर्ज लिया। मगर इसे चुकाने में असमर्थ होने पर उनकी आरसी काट दी गई।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: अल्मोड़ा नगर में स्वच्छ पेयजल की सुचारु आपूर्ति और पेयजल संकट दूर करने की मांग
Next: राज्‍य को जल्‍द मिलेंगे स्‍पेशलिस्‍ट डाक्‍टर

Related Post

rns featured image new
  • उत्तराखंड
  • देहरादून

मुख्यमंत्री ने बालिकाओं के साथ प्रधानमंत्री के मन की बात के 134 वें संस्करण को सुना

RNS INDIA NEWS 31/05/2026 0
rns featured image new
  • देहरादून

ट्रैफिक नियम तोड़ने पर 42 वाहनों के चालान और 10 सीज

RNS INDIA NEWS 30/05/2026 0
rns featured image new
  • देहरादून

रोडवेज कर्मचारी यूनियन के महामंत्री चौधरी और अध्यक्ष पपनै बने

RNS INDIA NEWS 30/05/2026 0

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • राशिफल 01 जून
  • घरेलू हिंसा के मामले की सुनवाई को पंहुची महिला से पति ने की अभद्रता
  • तीन दिन से लापता सिडकुल कर्मी का शव पेड़ से लटका मिला
  • मां-बेटे पर हमला, आठ लोगों पर केस दर्ज
  • अहिल्याबाई ने समाज सेवा की ऐसी मिसाल कायम की: हरीश रावत
  • पानी निकासी के विवाद में पड़ोसियों के बीच मारपीट, सात पर केस
Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.