
हरिद्वार(आरएनएस)। बहादराबाद क्षेत्र में युवक की नहर में मिले शव के मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम हरिद्वार के आदेश पर पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मृतक की मां रजनी देवी ने आरोप लगाया है कि चारों युवक को बहाने से घर से ले गए थे और बाद में उसकी हत्या कर शव बहादराबाद नहर में फेंक दिया। आरोप है कि दो आरोपियों ने खुद उसके बेटे को शराब पिलाकर मारने और नहर में बहाने की बात बताई थी। पुलिस ने तीन दिन की तलाश के बाद 13 जून को शुभम का शव मोहम्मदपुर मंगलौर झाल से बरामद किया था।मां ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं देने और शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न होने का भी आरोप लगाया है। रामनगर कॉलोनी सलेमपुर, निकट डॅसो चौक, बहादराबाद निवासी रजनी देवी पत्नी सुखपाल ने शिकायत कर बताया कि उनका इकलौता पुत्र शुभम पुत्र सुखपाल, हाउस नंबर 717 रामनगर कॉलोनी सलेमपुर महदूद, हरिद्वार, प्रिंस पाइप कंपनी में काम करता था। 10 जून 2026 की सुबह करीब आठ बजे महक सिंह पुत्र चतर सिंह निवासी रामनगर कॉलोनी सलेमपुर महदूद, जयवीर पुत्र अज्ञात, साधुराम पुत्र अज्ञात और तरुण पुत्र अज्ञात उसके घर पहुंचे। आरोप है कि चारों ने कंपनी के एक दोस्त के दुर्घटना में घायल होने की बात कहकर शुभम को अस्पताल चलने के लिए कहा। इस पर शुभम घर से 20 हजार रुपये लेकर उनके साथ चला गया। रजनी के अनुसार शाम तक शुभम वापस नहीं लौटा। करीब सात बजे वह महक सिंह के कमरे पर पहुंचीं, जहां महक सिंह और साधुराम मौजूद थे। आरोप है कि दोनों ने नशे की हालत में बताया कि उन्होंने शुभम को मारकर बहादराबाद नहर में बहा दिया है। पुलिस ने गोताखोरों की मदद से तीन दिन तलाश की और 13 जून को सुबह शुभम का शव मोहम्मदपुर मंगलौर झाल से बरामद किया। शव बिना कपड़ों के मिला, जबकि चप्पल पैरों में थी और कपड़े करीब 400 मीटर दूर नहर किनारे झाड़ियों से मिले। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। आरोप लगाया कि कई बार शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। जिसके बाद शुक्रवार को कोर्ट के आदेश पर सिडकुल पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। इसकी पुष्टि एसओ अजय शाह ने की है।



