
विकासनगर(आरएनएस)। ग्रामीण महिलाओं को स्थानीय उत्पादों से जोड़कर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में उदपाल्टा गांव में एक दिवसीय उद्यमिता विकास कार्यक्रम आयोजित किया गया। गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पंतनगर के खाद्य एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने कृषि विज्ञान केंद्र ढकरानी के सहयोग से कार्यशाला आयोजित की। इसमें करीब 50 महिलाओं ने प्रतिभाग किया। कार्यशाला में महिलाओं को कुट्टू के आटे से बिस्कुट, केक और कप समेत विभिन्न उत्पाद तैयार करने का प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही उत्पादों की पैकेजिंग, गुणवत्ता और बाजार में बिक्री की संभावनाओं की जानकारी दी गई। सहायक प्राध्यापक एवं सह-परियोजना अन्वेषक डॉ. श्वेता राय ने बिस्कुट बनाने की प्रक्रिया का डेमो देकर महिलाओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। जूनियर रिसर्च फेलो प्रियांशी माहेश्वरी ने बिस्कुट तैयार करने की बारीकियां समझाईं। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के बाद महिलाएं घर से ही गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार कर इन्हें बाजार से जोड़कर आय का साधन बना सकती हैं। इससे पहले कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. अशोक कुमार शर्मा ने कहा कि कोदो, झंगोरा, चीना और कुट्टू जैसे पारंपरिक अनाजों का उत्पादन धीरे-धीरे कम हो रहा है। इन फसलों को बढ़ावा देने के साथ इनके प्रसंस्करण और मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार करने से किसानों और ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं। इस दौरान डॉ. किरण पंत, डॉ. विजेता, आयुषी मिश्रा, ग्राम प्रधान बबली राय, पूनम राय, संगीता, पूनम समेत मौजूद रहीं।

