
हरिद्वार। कोतवाली नगर पुलिस ने चेकिंग अभियान के दौरान मुजफ्फरनगर निवासी एक व्यक्ति को दो अवैध पिस्टल और 10 जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह वर्ष 2010 में अपने भाई की हत्या का बदला लेने के इरादे से हथियार लेकर घूम रहा था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आयुध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश कर दिया है।
पुलिस के अनुसार छह सितंबर को उपनिरीक्षक खेमेंद्र गंगवार, हेड कांस्टेबल प्रदीप पवार और हेड कांस्टेबल गुलशन नेगी गश्त पर थे। आरटीओ तिराहे से चित्रकूट घाट की ओर चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध युवक पुलिस को देखकर तेजी से लौटने लगा। शक होने पर पुलिस ने उसका पीछा कर दबोच लिया।
तलाशी में आरोपी के बैग से दो 32 बोर की पिस्टल, दो मैगजीन और 10 जिंदा कारतूस बरामद हुए। इसके अलावा उसके पास से मोबाइल फोन, पर्स और 6,700 रुपये नकद भी मिले। बरामद हथियारों का कोई वैध लाइसेंस प्रस्तुत नहीं किया जा सका।
पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम मनोज कुमार (45) पुत्र महावीर सिंह निवासी ग्राम बुडीना कला, थाना तितावी, जिला मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) बताया। उसने पुलिस को बताया कि वर्ष 2010 में उसके बड़े भाई हरेंद्र उर्फ गुड्डू की हत्या कर दी गई थी। मामले के एक गवाह की भी हत्या हो चुकी है और वह लंबे समय से अपने भाई के हत्यारों से बदला लेने की योजना बना रहा था।
आरोपी ने बताया कि मामले में दो बदमाश पुलिस मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं, जबकि दो अन्य को आजीवन कारावास की सजा हुई थी। वर्तमान में दोनों दोषी पैरोल पर जेल से बाहर हैं। आरोपी ने इन्हीं से बदला लेने के उद्देश्य से अवैध हथियार जुटाए थे।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी अप्रैल 2026 से हरिद्वार में अवधूत आश्रम क्षेत्र में किराये पर स्थान लेकर होटल का कारोबार कर रहा था। एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह ने बताया कि आरोपी के कब्जे से बरामद दोनों पिस्टलों के संबंध में कोई वैध लाइसेंस नहीं मिला है। मामले में आगे की जांच जारी है।

