
श्रीनगर गढ़वाल। टिहरी जिले के कीर्तिनगर ब्लॉक के मलेथा के समीप स्थित सिरोला गांव में मृत बकरी का मांस खाने से 24 से अधिक ग्रामीण बीमार पड़ गए। बीमारों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। कई बच्चों की हालत बिगड़ने पर उन्हें श्रीनगर के बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।
जानकारी के अनुसार गांव में एक बकरी की मौत हो गई थी। इसके बाद कुछ ग्रामीणों ने उसका मांस निकालकर पकाया और खा लिया। मांस खाने के कुछ ही समय बाद कई लोगों को उल्टी, दस्त, पेट दर्द और कमजोरी की शिकायत होने लगी, जबकि बच्चों में डायरिया जैसे लक्षण भी सामने आए। एक साथ बड़ी संख्या में लोगों के बीमार पड़ने से गांव में अफरा-तफरी मच गई और परिजन उन्हें तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों एवं अस्पतालों में लेकर पहुंचे। गंभीर स्थिति वाले बच्चों को श्रीनगर स्थित बेस अस्पताल रेफर किया गया।
बेस अस्पताल के चिकित्सक डॉ. अजय गोस्वामी ने बताया कि किसी पशु की बीमारी अथवा संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु होने पर उसका मांस खाना अत्यंत जोखिमपूर्ण हो सकता है। ऐसे मांस में हानिकारक बैक्टीरिया और संक्रमण फैलाने वाले तत्व मौजूद हो सकते हैं, जो गंभीर फूड पॉइजनिंग का कारण बनते हैं।
उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि मांस खाने के बाद उल्टी, दस्त, पेट दर्द, बुखार, अत्यधिक कमजोरी या शरीर में पानी की कमी जैसे लक्षण दिखाई दें तो मरीज को तुरंत अस्पताल पहुंचाया जाए। विशेष रूप से बच्चों में डिहाइड्रेशन तेजी से गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है।
घटना के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं की संदिग्ध मौत के बाद उनके सुरक्षित निस्तारण और लोगों में जागरूकता की आवश्यकता भी सामने आई है। अब स्वास्थ्य विभाग मामले की जांच कर यह पता लगाने में जुटा है कि बकरी की मौत किन परिस्थितियों में हुई और ग्रामीणों के बीमार होने का वास्तविक कारण क्या था। फिलहाल सभी प्रभावित लोगों का उपचार जारी है।

