
रुद्रपुर(आरएनएस)। पंजाबी सिख समाज को कथित तौर पर पाकिस्तानी रिफ्यूजी कहकर अपमानित किए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। रविवार को पंजाबी महासभा के पदाधिकारियों ने एकजुट होकर आपत्तिजनक टिप्पणी का कड़ा विरोध जताया। उन्होंने एसडीएम के माध्यम से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर टिप्पणी करने वाली महिला के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की। देहरादून निवासी एक महिला ने सोशल मीडिया पर पंजाबी सिख समाज को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। पंजाबी महासभा के नगर अध्यक्ष जितिन ग्रोवर ने कहा कि इस तरह की टिप्पणी समाज की भावनाओं को आहत करने के साथ ही सामाजिक सौहार्द्र पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है।उन्होंने कहा कि देश के विकास और सामाजिक उत्थान में पंजाबी सिख समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। समाज के लोगों को इस तरह संबोधित किया जाना किसी भी स्तर पर उचित नहीं है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन देने वालों में महामंत्री हरीश बत्रा, अनिल बत्रा, करनैल सिंह खिंडा, हरभजन सिंह खिंडा, सुमित गुंबर, विजय अरोड़ा, मनोज बाधवा, मंगतराम अरोड़ा, सुनील बत्रा, दलबीर सिंह सोहल, ललित मोहन मारवाह, सोनिया सुनेजा, आरती डाबर, दीप्ति ग्रोवर, चर्चा बत्रा और सीमा बत्रा आदि मौजूद रहे।

