
अल्मोड़ा। जिलाधिकारी अंशुल सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित स्टाफ बैठक में विभिन्न विभागों के न्यायिक वादों, कर संग्रहण और विभागीय कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में लंबित मामलों के समयबद्ध निस्तारण, राजस्व वसूली में तेजी लाने और विभागीय समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए। बैठक में अधीनस्थ न्यायालयों में लंबित और निस्तारित वादों की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि जून माह के अंत तक भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) से संबंधित 407 मामले लंबित हैं। जिलाधिकारी ने इन मामलों के शीघ्र और प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए। इसके अलावा एनडीपीएस और पॉक्सो अधिनियम से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित लंबित मजिस्ट्रियल जांचों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत की जा रही कार्रवाई की समीक्षा करते हुए उन्होंने खाद्य प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण करने और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में राजस्व, पुलिस, आबकारी, जीएसटी सहित विभिन्न विभागों के न्यायिक वादों और कर संग्रहण की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने राजस्व प्राप्तियों में वृद्धि, लंबित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण और सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने पर जोर दिया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रामजीशरण शर्मा, डीएफओ प्रदीप धौलाखंडी, अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र, संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, सभी उपजिलाधिकारी, तहसीलदार तथा कलेक्ट्रेट के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
