
हरिद्वार(आरएनएस)। श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन के पूर्व श्रीमहंत रघुमुनि ने अखाड़े के मुखिया महंत दुर्गादास और उनकी कार्यकारिणी को अवैध बताते हुए उन पर नियमों और न्यायालय के आदेशों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ जल्द कानूनी कार्रवाई होगी और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद भी दंडात्मक कदम उठाएगा। सोमवार को मीडिया को जारी बयान में महंत रघुमुनि ने आरोप लगाया कि कार्यकारिणी ने कांचीपुरम में उत्तर पंगत के मुखिया का चुनाव नियमों के विपरीत कराया और पांच महंतों को निष्कासित कर दिया, जबकि नियमावली में आजीवन निष्कासन का कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रयागराज की सिविल अदालत ने उनके निष्कासन को अवैध करार दिया है और इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वर्तमान कार्यकारिणी की वैधता पर जवाब तलब किया है।उन्होंने अखाड़े के आश्रमों से अवैध वसूली, उज्जैन स्थित संपत्तियों को अनधिकृत रूप से पट्टे पर देने, हरिद्वार के बादशाहपुर आश्रम से आभूषण गायब होने और बैंक खाते से धन निकालने के प्रयास जैसे आरोप भी लगाए। उनका कहना है कि रजिस्ट्रार सोसायटीज एवं चिट्स ने खातों की जांच के आदेश दिए थे, जिनका पालन नहीं होने पर खातों के लेनदेन पर प्रतिबंध लगाया गया है। हालांकि, इन आरोपों पर अखाड़े के मुखिया महंत दुर्गादास या उनकी कार्यकारिणी की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
