
अल्मोड़ा। लोकपर्व हरेला के राज्य स्तरीय आयोजन की तैयारियां शुरू हो गई हैं। गुरुवार को विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हरेला केवल पौधारोपण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी का अभियान है। जिलाधिकारी ने बताया कि 16 जुलाई को आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय हरेला कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के शामिल होने का प्रस्ताव है। कार्यक्रम का शुभारंभ विश्व प्रसिद्ध जागेश्वर धाम से किया जाएगा। शासन के निर्धारित लक्ष्य के अनुसार जनपद में हरेला पर्व के अवसर पर 75 हजार पौधे रोपे जाएंगे। बैठक में वन, शिक्षा, उद्यान, कृषि, रेशम सहित विभिन्न विभागों को पौधारोपण के लक्ष्य आवंटित किए गए। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि चिन्हित स्थलों पर गड्ढों की खुदाई, पौधों की उपलब्धता और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते पूरी कर ली जाएं। उन्होंने स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप पौधों की प्रजातियों का चयन करने और उनके संरक्षण की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पौधारोपण स्थल का विवरण निर्धारित मोबाइल ऐप पर अपलोड किया जाएगा तथा अभियान की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। साथ ही पौधारोपण के बाद पौधों के संरक्षण और उनकी जीवित रहने की जिम्मेदारी भी संबंधित विभाग निभाएंगे। जिलाधिकारी ने विद्यालयों, स्वयं सहायता समूहों, युवाओं, स्वयंसेवी संगठनों और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर हरेला पर्व को जनभागीदारी का उत्सव बनाने पर जोर दिया। बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी दीपक सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी प्रदीप धौलाखंडी, अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
