
उत्तरकाशी(आरएनएस)। रवांई घाटी के आराध्य रुद्रेश्वर महादेव मंगलवार को धार्मिक परंपराओं और वैदिक विधि-विधान के बीच तीयां गांव स्थित प्राचीन मंदिर के गर्भगृह से बाहर विराजमान हुए। देवता के दर्शन के लिए तीयां गांव में सुबह से ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। गर्भगृह से बाहर लाने से पूर्व पुजारियों ने देवमूर्ति का दुग्धाभिषेक कर विशेष पूजा-अर्चना संपन्न कराई। इसके बाद देवमूर्ति को चांदी की गिलठी में विराजमान कर पूरे विधि-विधान के साथ गर्भगृह से बाहर निकाला गया।
मंगलवार को तीयां गांव स्थित प्राचीन मंदिर के गर्भगृह से बाहर आने के बाद देवमूर्ति को पारंपरिक देव डोली में विराजमान किया गया। श्रद्धालुओं ने देव डोली के साथ मंदिर परिसर में पारंपरिक तांदी नृत्य कर अपनी आस्था और उल्लास का प्रदर्शन किया। तीयां थान समिति के अध्यक्ष दीवान सिंह ने बताया कि रुद्रेश्वर महादेव पिछले एक वर्ष से तीयां गांव के प्राचीन मंदिर के गर्भगृह में विराजमान थे। देव डोली मंगलवार रात्रि विश्राम तीयां गांव में करेगी तथा बुधवार 1 जुलाई को देवराना के लिए प्रस्थान करेगी। देवराना में प्रतिवर्ष की भांति रंवाई क्षेत्र के 65 गांवों की सामूहिक डांडा देवराना जातर का आयोजन होगा। इस अवसर पर तीयां थान समिति के अध्यक्ष दीवान सिंह, जगमोहन परमार, पूर्व विधायक मालचंद, जयेंद्र राणा, ग्राम प्रधान रीना बहुगुणा, संजय थपलियाल, जयवीर परमार, विपिन रमोला, मोहित थपलियाल, एडवोकेट श्वेता मौजूद रहे।
