
ऋषिकेश(आरएनएस)। बरसात से पहले जाखन नदी के उफान से होने वाले नुकसान को रोकने के लिए माजरी ग्रांट के तूड़ान क्षेत्र से लेकर डंपर चौक तक पोकलैंड मशीनों की मदद से नदी का चैनलाइजेशन किया जा रहा है। यह कार्य सिंचाई विभाग द्वारा कराया जा रहा है, जिससे किसानों की कृषि भूमि और आसपास की बस्तियों को सुरक्षित रखा जा सके।विदित हो कि बीते वर्ष बरसात के दौरान जाखन नदी में जलस्तर अचानक बढ़ जाने से नदी ने विकराल रूप धारण कर लिया था। जिससे क्षेत्र में कई बीघा किसानों की उपजाऊ जमीन नदी में समा गई थी और किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। इस वर्ष मानसून से पहले ही सिंचाई विभाग ने एहतियाती कदम उठाए हैं और जाखन नदी के चैनलाइजेशन का कार्य शुरू कराया है। तूड़ान क्षेत्र से डंपर चौक तक नदी के तल और किनारों को पोकलैंड मशीनों के माध्यम से व्यवस्थित किया जा रहा है, ताकि बरसाती पानी का बहाव एक निर्धारित दिशा में रहे और नदी किनारे कटाव की समस्या पर प्रभावी रोक लग सके। चैनलाइजेशन से खेतों के साथ-साथ आबादी वाले इलाकों को भी सुरक्षा मिलने की उम्मीद है। माजरी ग्रांट की ग्राम प्रधान निशा देवी ने कहा कि पिछले वर्ष किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ा था। इस बार समय रहते चैनलाइजेशन का कार्य शुरू होने से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी और उनकी खेती सुरक्षित रहेगी। प्रधान प्रतिनिधि मंगल सिंह ने बताया कि नदी कटाव को लेकर ग्रामीण लंबे समय से परेशान थे और बरसात से पहले पुख्ता इंतजाम की मांग कर रहे थे। सिंचाई विभाग द्वारा किया जा रहा यह कार्य भविष्य में होने वाले नुकसान को काफी हद तक रोकेगा। सिंचाई विभाग के अपर सहायक अभियंता अजब सिंह रावत ने बताया कि चैनलाइजेशन का कार्य तकनीकी मानकों के अनुरूप किया जा रहा है। विभाग का लक्ष्य मानसून शुरू होने से पहले कार्य को पूरा करना है, ताकि बरसात के दौरान किसी भी प्रकार की क्षति से बचाव सुनिश्चित किया जा सके।
